Stock Market Live Update: हेल्थकेयर पर बर्नस्टीन की राय
8 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया। यह कमेटी इस बात की जांच करेगी कि क्या फार्मास्युटिकल मार्केटिंग के तरीकों को मौजूदा 'सेल्फ-रेगुलेटरी फ्रेमवर्क' (खुद नियम बनाने की व्यवस्था) से हटाकर 'स्टैच्युटरी रिजीम' (कानूनी व्यवस्था) के तहत लाया जाना चाहिए।
इस घोषणा के बाद फार्मा शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई, लेकिन आज मेडिकल अफेयर्स लीडर, मेडिको-लीगल फंक्शन हेड, कमर्शियल लीडरशिप, फील्ड मैनेजर और इंडस्ट्री के लोगों से की गई बातचीत से पता चलता है कि बिजनेस के तरीकों में निकट भविष्य में किसी तरह की रुकावट को लेकर चिंता कम है।
ध्यान दें कि फार्मास्युटिकल मार्केटिंग के तरीकों के लिए मौजूदा 'यूनिफॉर्म कोड' (UCPMP) 2024 लागू रहेगा, जबकि कमेटी से उम्मीद है कि वह जनवरी 2027 में होने वाली अगली सुनवाई से पहले अपनी सिफारिशें सौंप देगी।
बाजार की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि चिंताएं रेगुलेशन के अंतिम स्वरूप को लेकर हैं, न कि कामकाज की स्थितियों में किसी तत्काल बदलाव को लेकर।