शेयर मार्केट ने इस महीने बनाई ₹35 लाख करोड़ की संपत्ति, इन सेक्टर्स में पैसा लगाने वाले हुए मालामाल
Stock Markets: भारतीय शेयर बाजारों ने मार्च महीने में जबरदस्त वापसी की है। लगातार पांच महीनों की बिकवाली के बाद, इस महीने सेंसेक्स 4,500 अंकों की बढ़त के साथ 78,000 के करीब पहुंच गया। इस उछाल की वजह से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के निवेशकों की संपत्ति में इस महीने के अब तक 35 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है
Stock Markets: मार्च में अब तक शेयर बाजार करीब 7.6% ऊपर चढ़ चुका है
Stock Markets: भारतीय शेयर बाजारों ने मार्च महीने में जबरदस्त वापसी की है। लगातार पांच महीनों की बिकवाली के बाद, इस महीने सेंसेक्स 4,500 अंकों की बढ़त के साथ 78,000 के करीब पहुंच गया। इस उछाल की वजह से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के निवेशकों की संपत्ति में इस महीने के अब तक 35 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। यह उन निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत है, जो पिछले साल सितंबर के बाद से लगातार गिरावट के सामना कर रहे थे। सेंसेक्स और निफ्टी ने सितंबर 2024 में अपना ऑल टाइम हाई छुआ था, लेकिन इसके बाद से इसमें तेज गिरावट देखने को मिली थी। लेकिन मार्च में अब तक बाजार करीब 7.6% ऊपर चढ़ चुका है।
शेयर बाजार में तेजी के मुख्य कारण
रुपये की मजबूती: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लंबे समय की गिरावट के बाद मजबूत हुआ है, जिससे निवेशकों में भरोसा लौटा है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी: लंबे समय तक विदेशी निवेशक (FPIs) लगातार बिकवाली कर रहे थे, लेकिन अब इसमें कमी आई है।
ट्रंप टैरिफ को लेकर घटती चिंताएं: अमेरिका के संभावित टैरिफ पॉलिस को लेकर चिंता कम होने से भी बाजार को सहारा मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स का शानदार प्रदर्शन
सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी ही नहीं, बल्कि छोटे और मझोले शेयरों ने मार्च महीने के दौरान अबतक शानदार प्रदर्शन किया है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 10% उछाल के साथ 52,520 के करीब पहुंच गया। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में अबतक 12 फीसदी की तेजी आ चुकी है।
मार्च में टॉप परफॉर्मिंग सेक्टर कौन से रहे?
निफ्टी मेटल इंडेक्स में करीब 13 फीसदी की तेजी आई और यह मार्च में अब तक के सबसे बड़े गेनर्स सेक्टर में से एक बना हुआ है। इस दौरान निफ्टी रियल्टी और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में करीब 10 फीसदी की तेजी आई।
निफ्टी बैंक इंडेक्स में मार्च में अब तक करीब 7 फीसदी की तेजी आई है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में करीब 12 फीसदी की जोरदार बढ़त देखी गई, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 6.6 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई।
निफ्टी ऑटो इंडेक्स में करीब 7 फीसदी की उछाल आई, जबकि निफ्टी FMCG में 5 फीसदी से ज्यादा की उछाल आई। हालांकि बाकी सेक्टर्स के उलट निफ्टी IT इंडेक्स में करीब 0.3 फीसदी की गिरावट आई।
इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, ICICI बैंक, JSW स्टील जैसे दिग्गज स्टॉक्स ने इस महीने अपने 52-सप्ताह के नए उच्चतम स्तर को भी छुआ।
बाजार की तेजी कितनी टिकाऊ?
शेयर बाजार ने इस महीने अबतक जबरदस्त वापसी की है, लेकिन एक्सपर्ट्स इस उछाल को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। Bajaj Broking ने कहा, "पिछले हफ्ते का उछाल सस्ते शेयरों में खरीदारी और विदेशी निवेशकों (FPI) की वापसी की उम्मीदों के चलते आई थी। इस वजह से सेंसेक्स, निफ्टी, निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने पिछले कई सालों की सबसे मजबूत साप्ताहिक बढ़त दर्ज की। हालांकि, इस तेजी के टिकाऊ होने पर संदेह है, क्योंकि FPI अभी भी शुद्ध बिकवाल बने हुए हैं। मार्च में उन्होंने 15,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं।"
ब्रोकरेज ने आगे कहा, "मौजूदा तेजी अस्थायी उछाल हो सकती है। अप्रैल की शुरुआत में लागू होने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ के असर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। चार्ट बताते हैं कि बाजार एक डबल बॉटम बना सकते हैं, जिसमें बाजार स्थिर होने से पहले एक बार फिर से अपने निचले स्तर को छूने के बाद रिकवरी करता दिख सकता है। बाजार को स्थिर होने में तीन महीने या उससे अधिक समय लग सकता है।"
वहीं MP Financial Advisory के फाउंडर महेंद्र पाटिल ने कहा, "शेयर बाजार की दिशा घरेलू कंज्म्पशन और कॉरपोरेट कंपनियों की कमाई की मजबूती पर निर्भर करेगी। फिलहाल मोमेंटम तो लौट आया है, लेकिन असली दिशा फंडामेंटल्स से ही तय होगी। इस बीच भू-राजनीतिक तनाव और टैरिफ-संबंधी जैसी ग्लोबल अनिश्चितताएं भी बनी हुई हैं।"
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