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Sensex में 550 अंकों का उछाल, अमेरिका से आई राहत की खबर तो Nifty ग्रीन, 4 वजहों से छाई रौनक

Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले की आधे फीसदी से अधिक की गिरावट से उबरते हुए आज शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 आधे-आधे फीसदी से अधिक उछल पड़े। जानिए मार्केट को किन सेक्टर्स से सपोर्ट मिला और इस रौनक की चार मुख्य वजह

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jul 15, 2026 पर 4:12 PM
Sensex में 550 अंकों का उछाल, अमेरिका से आई राहत की खबर तो Nifty ग्रीन, 4 वजहों से छाई रौनक
Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले 14 जुलाई को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन आज सेंसेक्स (Sensex) 561.46 प्वाइंट्स यानी 0.72% की फिसलन के साथ 77,054.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 158.95 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 24,052.05 पर बंद हुआ था। आज ये बढ़त के साथ खुले।

Share Market Rally: अमेरिका में खुदरा महंगाई बढ़ने की अनुमान से सुस्त रफ्तार ने वैश्विक मार्केट में रौनक बिखेर दी। एशियाई बाजारों में खरीदारी के माहौल के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में सेंसेक्स 550 प्वाइंट्स से ज्यादा उछल पड़ा तो निफ्टी 50 भी 24200 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट को सपोर्ट मिला लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में रौनक थोड़ी अधिक रही। निफ्टी मिडकैप 100 आधे फीसदी से कम मजबूत हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ।

इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 130.49 प्वाइंट्स यानी 0.17% के उछाल के साथ 77,185.43 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 26.45 प्वाइंट्स यानी 0.11% की बढ़त के साथ 24,078.50 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 591.33 प्वाइंट्स उछलकर 77,646.27 और निफ्टी 168.30 प्वाइंट्स चढ़कर 24,220.35 तक पहुंचा था।

Share Market Rally: इन वजहों से मिला सपोर्ट

अमेरिका में खुदरा महंगाई की अनुमान से कम रफ्तार

एनर्जी की कीमतों में गिरावट के चलते अमेरिका में कंज्यूमर प्राइसेज जून महीने में 6 साल में सबसे तेज स्पीड से नीचे गिरे। अमेरिका में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में 0.4% की गिरावट आई जिससे सालाना महंगाई दर घटकर 3.5% रह गई। सीएनबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट को सीपीआई में 0.2% की गिरावट और सालाना महंगाई दर 3.8% रहने की की उम्मीद थी। अप्रैल 2020 के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट रही। इस गिरावट ने इस साल अमेरिकी फेड के ब्याज दर बढ़ाने की आशंका को हल्की कर दिया है। इससे मार्केट में रौनक छा गई।

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