Share Market Rises: भारतीय शेयर बाजार में आज 6 मार्च को लगातार दूसरे दिन जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान, सेंसेक्स करीब 550 अंक उछलकर 74,300 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 175 अंकों की छलांग लगाकर 22,500 के अहम स्तर को पार कर गया। इसके चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू आज करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। छोटे और मझोले शेयरों में भी तेजी जारी रही। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.82 और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.83 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था। सबसे अधिक तेजी मेटल, एनर्जी और ऑयल एंड गैस शेयरों में देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 609 अंकों की तेजी के साथ 74,340 पर बंद हुआ है। जबकि निफ्टी 207 अंकों की तेजी के साथ 22,544.70 पर सेटल हुआ।
आइए जानते हैं कि इस तेजी के पीछे 5 बड़े कारण क्या रहें-
1. चीन के नए इनसेंटिव पैकेज की उम्मीदें
2. ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको और कनाडा पर टैरिफ को लेकर अपना रुख नरम किया है। उन्होंने इन दोनों देशों से आने वाले ऑटोमोबाइल्स पर टैरिफ में एक महीने की छूट दी है। इसके चलते बीते रात अमेरिकी बाजारों और आज एशियाई बाजारों में रैली देखने को मिली। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.7 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। अमेरिका में भी S&P 500, डॉव जोन्स और नैस्डैक में 1% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
3. डॉलर इंडेक्स में कमजोरी
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स चार महीने के निचले स्तर 104.3 पर आ गया, जो भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स के लिए फायदेमंद माना जाता है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने बताया, "अगर यह गिरावट जारी रहती है, तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली कम हो सकती है, जिससे बाजार में और तेजी आने का रास्ता साफ हो सकता है।"
4. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें गिरकर 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गईं है, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ है। इसकेचलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में आज लगातार चौथे दिन तेजी देखने को मिली। टायर और पेंट सहित क्रूड ऑयल से जुड़े बाकी कंपनियों के शेयरों में भी आज तेजी आई है। डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच ओपेक+ देशों ने अप्रैल से क्रूड का उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है, जिसके के कारण यह गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड का भाव 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चला गया।
5. RBI के लिक्विडिटी सपोर्ट उपाय
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम में तरलता (Liquidity) बनाए रखने के लिए पिछले कुछ दिनों में कई कदम उठाए हैं। RBI ने सरकारी बॉन्ड और USD/INR स्वैप के जरिए बैंकिंग सिस्टम में 1.9 लाख करोड़ रुपये की लिक्विडिटी डाली है। इससे बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों को काफी सपोर्ट मिला है। हाल ही में, केंद्रीय बैंक ने 10 अरब डॉलर का स्वैप किया, जिससे लंबी अवधि की तरलता को मजबूती मिली।
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