बाजार के आगे के चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि 23,800 के नीचे अगर बंद हुए तो बड़ा निगेटिव होगा। 23,800 के नीचे 23,500 और 23,350 का रास्ता खुलेगा। दिक्कत ये है कि इस बार निफ्टी बैंक ज्यादा दबाव बना रहा है। इस हफ्ते बैंक निफ्टी करीब 4% नीचे आया। रिलायंस भी कमजोर हो रहा है, 52 हफ्ते के निचले स्तर से सिर्फ 1% दूर रहा। एक अकेला IT बेचारा क्या कर लेगा, थोड़ा फार्मा का भी सहारा है। बड़े सेक्टर्स में सिर्फ IT बुल मार्केट में है। खैर, इंडेक्स में ट्रेडिंग बहुत पैसा बनाकर नहीं दे रही है। चुनिंदा शेयरों में बाजार शायद आज भी मौका देगा। इस हफ्ते मिडकैप इंडेक्स सिर्फ 0.7% नीचे जबकि निफ्टी 3.3% नीचे है।
बाजार: क्या हो अब रणनीति?
अनुज सिंघल ने कहा कि इस बाजार में पैसा शॉर्ट कर के बन रहा है, लेकिन दिक्कत ये है कि इंट्राडे में रिकवरी भी आती है। जहां रिकवरी फेल हो वहां शॉर्ट करना होगा। लेकिन इस तरह की ट्रेड्स लेना सबसे बस की बात नहीं है। ओवरनाइट शॉर्ट पोजीशन लेकर जाने से पैसा बन रहा है, लेकिन पोजीशन घर लेकर जाने का रिस्क भी उतना ही बड़ा है। चुनिंदा शेयरों में एक्शन बेहतर है, रोज नए मौके मिल रहे हैं। आज भी सुबह 10 बजे कर बाजार पर नजर रखिए। अगर लगा की मिडकैप रिकवर हो रहे हैं तो खरीदारी करिए। सुबह-सुबह थीम को पहचानना सबसे जरूरी है। रिलेटिव स्ट्रैंथ पर फोकस करिए, वहां पैसा बनेगा। कल भी देखिए कोफोर्ज, परसिस्टेंट, BSE में जमकर पैसा बना। सेक्टर्स के हिसाब से IT और फार्मा में अब भी मौके खोजिए।
अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार के गिरने का एक बड़ा कारण सेंटिमेंट है। सेंटिमेंट खराब हो तो 1000 करोड़ की बिकवाली भी बड़ी है। परसों FII बिकवाली कम थी लेकिन बाजार में बड़ी गिरावट हुई। कल FIIs की बिकवाली बड़ी थी, आज इसलिए गैपडाउन है। दूसरा बड़ा कारण है फेड और US बॉन्ड यील्ड। US बॉन्ड यील्ड चिल्ला-चिल्ला कर कह रहे थे फेड क्या बोलेगा। अब फेड के इस कदम से शायद पैसा US में ही रहे। अगर 4 रेट कट की बात होती तो पैसा इमर्जिंग देशों में आता। डॉलर की मजबूती और रुपये की कमजोरी भी बड़ा कारण है लेकिन सबसे बड़ा कारण है Q3 नतीजों का रिस्क है। बाजार को रिस्क है कि Q3 शायद Q2 जैसा या उससे भी खराब हो। FMCG कंपनियां पहले ही चेतावनी दे चुकी हैं। ऑटो कंपनियों के आंकड़े भी काफी कमजोर रहे हैं।
इस बाजार में सेफ्टी कहां है?
IT सेक्टर के लिए Accenture की गाइडेंस एक और बड़ा ट्रिगर है। फार्मा के लिए US एक्सपोजर+ सस्ते वैल्युएशन है। रिलेटिव स्ट्रैंथ 52-week highs वाले शेयरों पर फोकस करें।
अनुज सिंघल ने कहा कि पहला सपोर्ट 23,800-23,850 (200 DMA) पर है बड़ा सपोर्ट 23,500-23,550 (चार्ट के मुताबिक) पर है। वहीं पहला रजिस्टेंस 24,000-24,100 (Previous support)पर है। बड़ा रजिस्टेंस 24,300-24,350 (10 and 20 DEMA) पर है। जबतक 24,350 हासिल नहीं हो हर रैली के फेल होने पर बेचें। 24,350 के ऊपर बंद होने पर ही bearish trend खत्म होगा। 23,800 बचे तो निफ्टी खरीदें, उसके लिए 23,750 का स्टॉपलॉस लगाए।
बैंक निफ्टी का पहला सपोर्ट 51,000-51,200 (चार्ट आधारित) पर है जबकि बड़ा सपोर्ट 50,450-50,550 (200 DMA) पर है। वहीं पहला रजिस्टेंस 51,650-51,750 (100 DEMA) पर है। जबकि बड़ा रजिस्टेंस 52,000-52,200 (पुराना सपोर्ट ) पर है। HDFC बैंक और ICICI बैंक में FIIs का एक्शन अहम है। किसी भी तरफ बड़ी पोजिशन लेने से बचें।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।