Market news : GIFT Nifty से मिल रहे मजबूत संकेतों के कारण, BSE Sensex और Nifty से 15 जून के सेशन की शुरुआत पॉजिटिव नोट पर करने की उम्मीद दिख रही है। शुरुआती कारोबार में गिफ्ट निफ्टी 23,941 के आस-पास दिख रहा था जो भारतीय बाजारों में तेजी के साथ शुरुआत का संकेत है।
12 जून को भारतीय बाजारों में जबरदस्त खरीदारी रही। कच्चे तेल की कीमतों में कमी,रुपए में मजबूती और ग्लोबल स्तर पर सकारात्मक संकेतों की वजह से निफ्टी 23,600 के स्तर के ऊपर चढ़ गया और सेंसेक्स में 1,600 से ज्यादा अंकों की तेजी आई। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों से बाजार खुश हुए। ऐसी खबरें थीं कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की दिशा में प्रगति हुई है,जिससे तेल की कीमतें गिरीं और रिस्क सेंटीमेंट में सुधार हुआ।
कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 1,695.40 अंक या 2.30 प्रतिशत बढ़कर 75,527.95 पर और निफ्टी 461.30 अंक या 1.99 प्रतिशत बढ़कर 23,622.90 पर बंद हुआ।
सुबह 8.00 बजे के आसपास गिफ्ट निफ्टी 355 अंक यानी 1.48 फीसदी की बढ़त के साथ 23,990.50 के स्तर पर दिख रहा था।
जापान के निक्केई में 5.50 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 1.32 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। हैंग सेंग में भी 0.70 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। ताइवानी बाजार में 2.62 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी 4.91 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। वहीं,शांघाई कंपोजिट में 1.05 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुए। निवेशकों को ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की उम्मीद थी और SpaceX के शेयरों में उनकी पहली लिस्टिंग के दौरान जबरदस्त उछाल आया,जिससे यह वॉल स्ट्रीट के इतिहास की सबसे बड़ी पब्लिक लिस्टिंग बन गई।
डाओ जोन्स 353.51 अंक या 0.70% बढ़कर 51,202.26 पर, S&P 500 इंडेक्स 37.16 अंक या 0.50% बढ़कर 7,431.46 पर और नैस्डैक 79.18 अंक या 0.31% बढ़कर 25,888.84 पर बंद हुआ।
सोमवार को अमेरिकी डॉलर अपनी मुख्य करेंसी के मुकाबले 10 दिन के निचले स्तर पर आ गया। इसकी वजह यह खबर थी कि अमेरिका ईरान के साथ शांति समझौते के लिए सहमत हो गया है, जिससे तेल की कीमतें गिर गईं और ज्यादा जोखिम वाले एसेट्स की मांग बढ़ गई। फिलहाल यह इंडेक्स 99.56 पर दिख रहा है।
10-साल और 2-साल के ट्रेज़री बॉन्ड पर यील्ड में 6 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई और ये 4.41% और 4.02% पर आ गए।
सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में बढ़त आई है। इसमें इंडोनेशियाई रुपया सबसे आगे दिख रहा है और पिछले बंद भाव के मुकाबले इसमें 0.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.48 प्रतिशत की बढ़त हुई,जबकि थाई बहत और मलेशियन रिंगित में क्रमशः 0.39 प्रतिशत और 0.31 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ताइवान डॉलर में 0.28 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इसके बाद फिलीपीन पेसो और सिंगापुर डॉलर में 0.25 प्रतिशत और 0.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चीनी रेनमिनबी में 0.18 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई,जबकि जापानी येन ने 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ अपने क्षेत्रीय साथियों की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
भारतीय इक्विटी मार्केट में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार 13वें ट्रेडिंग सेशन में भी नेट सेलिंग की,हालांकि निकासी की रफ़्तार थोड़ी कम हुई। इस सेशन के दौरान FIIs ने 1,082 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने मार्केट को मजबूत सहारा देना जारी रखा और उस दिन 5,341 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।