Dalal Street Week Ahead: नए हफ्ते में हुंडई IPO, US रिटेल सेल्स और तिमाही नतीजे होंगे अहम, इन फैक्टर्स पर रखें नजर

Stock market: नए हफ्ते में निवेशकों की नजर सितंबर तिमाही के नतीजों के साथ ही हुंडई के मेगा आईपीओ, US रिटेल सेल्स, ECB इंटरेस्ट रेट, चीन की तीसरी तिमाही की जीडीपी और तेल की कीमतों पर रहेगी। इस हफ्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस और एचडीएफसी बैंक जैसी दिग्गज कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी

अपडेटेड Oct 13, 2024 पर 3:05 PM
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पिछले हफ्ते शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला और BSE सेंसेक्स 307.09 अंक यानी 0.37 फीसदी की गिरावट के साथ 81381.36 पर आ गया।

Stock market: पिछले हफ्ते शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला और BSE सेंसेक्स 307.09 अंक यानी 0.37 फीसदी की गिरावट के साथ 81381.36 पर आ गया। वहीं, निफ्टी 50 में 0.2 फीसदी की गिरावट आई और यह 24,964 के लेवल पर आ गया। वैल्यूएशन संबंधी चिंताओं, Q2FY25 अर्निंग के लिए कमजोर आउटलुक, हरियाणा चुनावों में भाजपा की जीत और लगातार FII बिकवाली के बीच 11 अक्टूबर को समाप्त हफ्ते में बाजार में मामूली गिरावट देखने को मिली। 14 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए हफ्ते में बाजार में मजबूती बनी रहने और वोलैटिलिटी में कमी के साथ वापसी की उम्मीद है।

एक्सपर्ट्स की ये है राय

नए हफ्ते में निवेशकों की नजर सितंबर तिमाही के नतीजों के साथ ही हुंडई के मेगा आईपीओ, US रिटेल सेल्स, ECB इंटरेस्ट रेट, चीन की तीसरी तिमाही की जीडीपी और तेल की कीमतों पर रहेगी। इस हफ्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस और एचडीएफसी बैंक जैसी दिग्गज कंपनियां तिमाही नतीजे जारी करेंगी। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में वेल्थ मैनेजमेंट के रिसर्च हेड सिद्धार्थ खेमका को उम्मीद है कि बाजार हायर जोन में कंसोलिडेट होंगे और ग्लोबल फैक्टर्स और रिजल्ट सीजन से संकेत लेंगे। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि डाउनग्रेड का जोखिम बढ़ रहा है, जो शॉर्ट से मीडियम टर्म में भारत के प्रीमियम वैल्यूएशन को कम कर सकता है।


नए हफ्ते में इन फैक्टर्स पर रखें नजर

इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

अगले हफ्ते सबसे अधिक फोकस सितंबर 2024 तिमाही के नतीजों पर होगी। पिछले हफ्ते टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने नतीजों की घोषणा की है। आईटी कंपनी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे। अब सभी की निगाहें अगले हफ्ते इंफोसिस के नतीजों और पूरे साल के रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस पर मैनेजमेंट की टिप्पणी पर होंगी। अन्य निफ्टी 50 कंपनियां जो अपनी तिमाही नतीजे जारी करेंगी, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, बजाज ऑटो, एक्सिस बैंक, LTIMindtree, टेक महिंद्रा, नेस्ले इंडिया, विप्रो और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल हैं, जिनका कुल मिलाकर इंडेक्स में 38 फीसदी से अधिक वेटेज है।

एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एलएंडटी फाइनेंस, एंजेल वन, स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पीवीआर आईनॉक्स, आदित्य बिड़ला मनी, L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज, Mphasis, सिएट, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, हैवेल्स इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, जिंदल स्टेनलेस, पॉलीकैब इंडिया, टाटा केमिकल्स, टाटा कम्युनिकेशंस, ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी, जिंदल सॉ, एलएंडटी फाइनेंस, ओबेरॉय रियल्टी, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज, एमसीएक्स इंडिया और आरबीएल बैंक भी आंकड़ों की घोषणा करेंगे।

CPI इनफ्लेशन

आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो निवेशकों की नजर 14 अक्टूबर को जारी होने वाले सितंबर के CPI और WPI इनफ्लेशन के आंकड़ों पर रहेगी। अगस्त में CPI मुद्रास्फीति पिछले महीने के 3.6 फीसदी के मुकाबले थोड़ी बढ़कर 3.65 फीसदी हो गई, जबकि होलसेल इनफ्लेशन जुलाई के 2.04 फीसदी की तुलना में अगस्त में घटकर चार महीने के निचले स्तर 1.31 प्रतिशत पर आ गया।

इसके अलावा, सितंबर के लिए बैलेंस ऑफ ट्रेड के आंकड़े 15 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे, और सितंबर के लिए पैसेंज व्हीकल सेल्स के आंकड़े 17 अक्टूबर को जारी किए जाएंगे, जबकि 4 अक्टूबर को समाप्त पखवाड़े के लिए बैंक लोन और डिपॉजिट ग्रोथ और 11 अक्टूबर को समाप्त हफ्ते के लिए फॉरेन रिजर्व के आंकड़े 18 अक्टूबर को जारी किए जाएंगे।

ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा

आने वाले हफ्ते में मुख्य फोकस अमेरिकी रिटेल सेल्स और वीकली जॉब के आंकड़ों पर रहेगा। इसके अलावा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक 17 अक्टूबर को ब्याज दर के बारे में अपने फैसले की घोषणा करेगा। अधिकांश मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दर में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करके इसे 3.25 फीसदी कर देगा, क्योंकि महंगाई अपने 2 फीसदी लक्ष्य से नीचे आ गई है, और अधिकांश ECB अधिकारियों ने पहले ही दर में कटौती के संकेत दिए हैं।

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यूरोप की मुद्रास्फीति के अलावा चीन की जीडीपी ग्रोथ और Q3-2024 के लिए इंडस्ट्री कैपिसिटी यूटिलाइजेशन और सितंबर के लिए रिटेल सेल्स, साथ ही जापान और यूके की मुद्रास्फीति पर भी नजर रखी जाएगी। अधिकांश एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की मुद्रास्फीति तीसरी तिमाही में कुछ कम होगी, जो दूसरी तिमाही में 4.7 फीसदी दर्ज की गई थी, जबकि पहली तिमाही में यह 5.3 फीसदी थी।

तेल की कीमतें

मध्य पूर्व क्षेत्र में जियो-पॉलिटिकल टेंशन और चीन से और अधिक प्रोत्साहन उपायों की उम्मीदों के बीच तेल की कीमतें हायर लेवल पर वोलैटाइल होने की संभावना है, जबकि एक्सपर्ट्स ने कीमतों में बड़ी उछाल से इनकार किया है। शेयरखान बाय BNP Paribas के रिसर्च एनालिस्ट मोहम्मद इमरान ने कहा, "चूंकि ओपेक के पास युद्ध जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त क्षमता है, इसलिए हम देखते हैं कि कीमतें जल्द ही कम हो जाएंगी क्योंकि मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है, इसलिए मध्यम अवधि में तेजी बरकरार रहने की संभावना नहीं है।"

तेल की कीमतों के लिए इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स सप्ताह के दौरान 1.27 फीसदी गिरकर 79.04 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। जबकि पिछले हफ्ते इसमें 9.1 फीसदी की तेजी देखी गई थी। कीमतें 50 और 200-डे EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) से नीचे थीं, लेकिन शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज (10 और 20-डे EMA) से ऊपर थीं।

FII फ्लो

बाजार की नजर FII और DII पर इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टमेंट एक्टिविटी पर भी रहेगी। FII ने अक्टूबर में अब तक कैश सेगमेंट में 58,395 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जो मार्च 2020 के बाद से हर महीने सबसे ज्यादा निकासी है। FII ने अपने वित्तीय प्रोत्साहन उपायों के बाद अंडरवैल्यूड चीनी इक्विटी मार्केट्स में कुछ पैसा लगाया। इसलिए, एक्सपर्ट्स ने कहा कि अगर कोई निकासी होती है, तो आगे चलकर बाजारों पर कुछ असर पड़ने की संभावना है।

दूसरी ओर, DII ने इक्विटी को अपना मजबूत सपोर्ट जारी रखा, जिससे FII के आउटफ्लो की भरपाई करने में कामयाब मिली। उन्होंने चालू महीने में 57,792 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो कि एक महीने में अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है। एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि मजबूत आर्थिक विकास को देखते हुए हर बड़ी गिरावट में डोमेस्टिक इनफ्लो जारी रहने से इक्विटी को काफी सपोर्ट मिलेगा। बीते हफ्ते FII ने 27675 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिसकी भरपाई DII ने 31,364 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर की।

Hyundai Motor India IPO

हुंडई मोटर इंडिया का मेगा आईपीओ 15 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक खुलने वाला है, जिस पर बाजार की नजर होगी। इसका प्राइस बैंड 1,865-1,960 रुपये प्रति शेयर है। इस आईपीओ के माध्यम से 27870 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है, जो कि भारतीय आईपीओ इतिहास में अब तक सबसे अधिक है।

SME सेगमेंट से लक्ष्य पावरटेक और फ्रेशरा एग्रो एक्सपोर्ट्स भी अगले हफ्ते 16 अक्टूबर और 17 अक्टूबर को अपने आईपीओ खोलेंगे। वहीं, प्राणिक लॉजिस्टिक्स का आईपीओ 14 अक्टूबर को बंद हो जाएगा। गरुड़ कंस्ट्रक्शन एंड इंजीनियरिंग के शेयर 15 अक्टूबर को बाजार पर लिस्ट होंगे। वहीं, शिव टेक्सकेम और प्राणिक लॉजिस्टिक्स के शेयरों का कारोबार 15 अक्टूबर और 17 अक्टूबर से BSE SME और NSE इमर्ज पर शुरू होगा।

टेक्निकल व्यू

टेक्निकल की बात करें तो आने वाले हफ्ते में निफ्टी 50 के 24700-25500 के दायरे में रहने की संभावना है। हायर साइड पर 25050 (50-डे EMA) का लेवल अपवर्ड जर्नी में अहम होगा। शुरू में 25200-25300 एरिया की ओर, उसके बाद 25500 अहम हर्डल है।

हालांकि, नीचे की ओर 24,900 इंडेक्स के लिए इमिडिएट सपोर्ट है। 24800 बढ़ते ट्रेंडलाइन सपोर्ट होने की संभावना है, उसके बाद 24700 (पिछले हफ्ते का निचला स्तर) और 24500 (20-वीक EMA) अहम सपोर्ट जोन होंगे।

F&O के लिए ये हैं संकेत

वीकली ऑप्शन डेटा ने संकेत दिया कि 25000 आगे चलकर बाजार की दिशा के लिए एक अहम भूमिका निभा सकता है, जिसमें हायर साइड पर 25,500 पर हर्डल और लोअर साइड पर 24,700 पर सपोर्ट है।

कॉल साइड पर 26000 स्ट्राइक पर मैक्सिमम ओपन इंटरेस्ट है, उसके बाद 25000 और 25500 स्ट्राइक हैं, जिसमें 26,000 स्ट्राइक पर मैक्सिमम राइटिंग है, उसके बाद 25,000 और 25,800 स्ट्राइक हैं। हालांकि, पुट साइड पर मैक्सिमम ओपन इंटरेस्ट 25000 स्ट्राइक पर देखा गया, उसके बाद 24000 और 24500 स्ट्राइक पर हैं। इसमें 24000 स्ट्राइक पर मैक्सिमम राइटिंग है और फिर 24700, 24100 और 24900 स्ट्राइक है।

कॉर्पोरेट एक्शन

अगले हफ्ते होने वाले प्रमुख कॉर्पोरेट एक्शन यहां दिए गए हैं

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