Get App

मार्केट के रिकॉर्ड ऊंचाई पर होने से निवेश करने से डर रहे हैं? आजमाए सुरक्षित निवेश का यह सटीक फॉर्मूला

पिछले साल जून में Nifty ने पहली बार 19,000 का लेवल पार किया था। अभी यह 25,000 के करीब है। मार्केट में लगातार तेजी की वजह से कई शेयरों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। इससे निवेशक हाई लेवल पर निवेश करने से डर रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 03, 2024 पर 5:45 PM
मार्केट के रिकॉर्ड ऊंचाई पर होने से निवेश करने से डर रहे हैं? आजमाए सुरक्षित निवेश का यह सटीक फॉर्मूला
टाइम डायवर्सिफिकेशन निवेश का ऐसा तरीका है जिसका इस्तेमाल तब होता है जब वैल्यूएशन काफी ज्यादा दिख रही हो।

निफ्टी 50 ने पिछले साल पहली बार 19,000 अंक का लेवल पार किया था। उसके बाद से यह लगातार ऊंचाई के नए रिकॉर्ड बनाता रहा है। अभी यह 25,000 के करीब है। ऐसे में निवेशकों को एक तरफ हाई वैल्यूएशन का डर सता रहा है तो दूसरी तरफ उन्हें लगता है कि अभी निवेश नहीं किया तो वे तेजी का फायदा उठाने से चूक सकते हैं। यह सच है कि बहुत हाई लेवल पर निवेश करने से फायदे की जगह आपको नुकसान हो सकता है।

दिसंबर 2007 में निवेश करने वालों को हुआ था बड़ा नुकसान

जिन निवेशकों ने निफ्टी (Nifty) 50 में दिसंबर 2007 के मार्केट के सबसे हाई लेवल पर निवेश किया था, उन्हें फरवरी 2009 तक करीब 60 फीसदी का नुकसान हो चुका था। तब ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस की वजह से मार्केट में बड़ी गिरावट आई थी। उन्हें मामूली रिटर्न के लिए फरवरी 2014 तक का इंतजार करना पड़ा था। सवाल है कि मार्केट जब ऑल-टाइम हाई पर हो तो निवेशकों को क्या करना चाहिए? इसका जवाब है टाइम डायवर्सिफिकेशन (Time Diversification)। यह निवेश का ऐसा तरीका है जिसका इस्तेमाल तब होता है जब वैल्यूएशन काफी ज्यादा दिख रही हो।

क्या है टाइम डायवर्सिफिकेशन?

सब समाचार

+ और भी पढ़ें