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Stock Markets: आप भी मार्केट चढ़ते ही शेयर बेच देते हैं? जानिए कैसे आप करोड़पति बनने के मौके गंवा देते हैं

Stock Markets: ज्यादातर इनवेस्टर्स खासकर नए इनवेस्टर्स मार्केट चढ़ते ही शेयरों को बेच प्रॉफिट बुक कर लेते हैं। उन्हें लगता है कि शेयरों में निवेश का उनका मकसद पूरा हो गया। लेकिन, ऐसा करना आपकी बड़ी गलती हो सकती है। इस बारे में कई एक्सपर्ट्स ने बताया है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jun 30, 2025 पर 10:19 AM
Stock Markets: आप भी मार्केट चढ़ते ही शेयर बेच देते हैं? जानिए कैसे आप करोड़पति बनने के मौके गंवा देते हैं
एक्सपर्ट्स का कहना है कि दो साल या 4 साल के रिटर्न के आधार पर किसी स्टॉक के प्रदर्शन का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

आकाश नाम के एक इनवेस्टर ने अप्रैल 2018 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने मनीकंट्रोल के डेटा के आधार पर अपने तीन शेयरों के पिछले 10 साल के रिटर्न के बारे में बताया। 2008 से 2018 के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज का कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) 2.4 फीसदी, एसबीआई का 1.02 फीसदी और एबीबी का -1.89 फीसदी था। इस महीने उन्होंने बीते 7 सालों में तीनों स्टॉक्स के सीएजीआर के बारे में बताया। रिलायंस का सीएजीआर 18 फीसदी, एसबीआई का 19 फीसदी और एबीबी का 27 फीसदी है।

नए इनवेस्टर (Investors) को कुछ बातें जरूरत समझ लेनी चाहिए। अगर किसी स्टॉक में आपको लॉस हो रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपसे गलती हुई है। दरअसल, इस लॉस के फेज में आप अपनी पर्चेज कॉस्ट को एवरेज कर सकते हैं। लेकिन, ऐसा तभी करना समझदारी है, जब आपको कंपनी के बिजनेस में पूरा भरोसा है। बिजनेस को समझे बगैर आप शेयर खरीद रहे हैं तो आप गलती कर रहे हैं। अगर आप शेयर खरीदने से पहले कंपनी के बारे में बुनियादी बातें (Company Fundementals) समझने की कोशिश नहीं करते हैं तो भी आप गलती कर रहे हैं। अगर आप बुल रन में यह मानते हुए शेयर खरीद रहे हैं कि आगे सबकुछ अच्छा रहेगा तो भी आप गलती कर रहे हैं।

मेरा मतलब यह है कि आपके लॉस की वजह आपका गलत फैसला नहीं होना चाहिए। अमेरिकन फाइनेंशियल एनालिस्ट, इनवेस्टर और एडवाइजर थॉमस फेल्प्स ने इस बारे में 1972 में अपनी बुक '100 to 1 in the Stock Market' में बताया था। उन्होंने एक उदाहरण की मदद से अपनी बात समझाने की कोशिश की थी। उन्होंने 20 साल के Pfizer के फाइनेंशियल्स (वित्तीय स्थिति) का एक टेबल तैयार किया था।

Pfizer की सेल्स 20 साल के दौरान 6.7 गुनी हो गई थी। अर्निंग्स 4.7 गुनी हो गई थी। डिविडेंड 3.5 गुना हो गया था। शेयरहोल्डर्स को मिला औसत रिटर्न काफी ज्यादा यानी करीब 17 फीसदी था। अगर किसी ने सिर्फ फाइजर के शेयरों के प्राइस पर फोकस किया होता तो तस्वीर अलग रही होती। इस बात की उम्मीद है कि उसने इस स्टॉक में निवेश नहीं किया होता। इस स्टॉक की कीमतों में उतारचढ़ाव देखने को मिला था और 5 साल के पीरियड में इसका प्रदर्शन मार्केट के मुकाबले कमजोर था।

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