भारतीय शेयर बाजारों के अच्छे दिन जल्द लौट सकते हैं। डीएसपी म्यूचुअल फंड की अक्तूबर नेत्रा रिपोर्ट में यह कहा गया है। बीते करीब दो साल से भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन दुनिया के दूसरे उभरते बाजारों के मुकाबले काफी खराब रहा है। इससे शेयर में निवेश करने वाले लोग काफी मायूस हैं।
बाजार की दिशा में बदलाव के लिए स्थितियां अनुकूल
जुलाई 2025 और सितंबर 2026 के बीच MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स 39.3 फीसदी (डॉलर में) चढ़ा है। इस दौरान Nifty में 14.6 फीसदी गिरावट आई है। इससे भारतीय शेयर बाजार और उभरते बाजारों के रिटर्न के बीच 53.9 फीसदी का गैप रहा है। डीएसएपी म्यूचुअल फंड ने कहा है कि इस गिरावट से भारतीय बाजार की पोजीशन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। हालांकि, फंड हाउस का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि शेयर बाजार की दिशा तुरंत बदलने जा रही है लेकिन, इससे बाजार की दिशा बदलने के लिए स्थितियां अनुकूल हो गई हैं।
लार्जकैप स्टॉक्स की वैल्यूएशंस ज्यादा अट्रैक्टिव
लार्जकैप स्टॉक्स की वैल्यूएशन में ज्यादा फर्क दिखा है। निफ्टी 50 में अब उसके ऐतिहासिक लेवल के करीब ट्रेडिंग हो रही है। Nifty 50 का ट्रेलिंग पी/ई रेशियो 19.26 गुना पर आ गया है। यह इसके ऐतिहासिक 20.9 गुना के मीडियन से कम है। इसका P/B रेशियो 2.75 गुना है, जो 3.5 गुना ऐतिहासिक मीडियन से कम है। इस वजह से डीएएसपी म्यूचुअल फंड ने लार्जकैप स्टॉक्स को ज्यादा अट्रैक्टिव बताया है।
स्मॉलकैप और मीडिकैप की वैल्यूएशंस ज्यादा
स्मॉलकैप और मिडकैप स्टॉक्स की वैल्यूएशन उनके ऐतिहासिक मीडियंस से क्रमश: 72 फीसदी और 56 फीसदी ज्यादा है। वैल्यूएशन के लिहाज से दूसरे सेक्टर में भी फर्क दिखा है। डीएसपी एमएफ के सेक्टर एनालिसिस से पता चलता है कि आटी, प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी, फाइनेंशियल सर्विसेज, केमिकल्स और सीमेंट अपने ऐतिहासिक रिटर्न डिस्ट्रिब्यूशंस के निचले लेवल के करीब हैं। दूसरी तरफ सीपीएसई, पीएसयू बैंक, टेलीकॉम और कैपिटल गुड्स अपने ऐतिहासिक बेस रेट्स से ऊपर बने हुए हैं।
6 अक्टूबर को लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी
6 अक्तूबर को लगातार दूसरे दिन शेयर बाजारों में अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी 0.57 फीसदी यानी 126 अंक चढ़कर 22,683 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.69 फीसदी यानी 435 अंक के उछाल के साथ 72,824 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.62 फीसदी का उछाल दिखा। आईटी छोड़कर निफ्टी के ज्यादातर सूचकांक हरे निशान में चल रहे थे। हालांकि, निफ्टी बीते एक साल में 9 फीसदी से ज्यादा फिसला है। सेंसेक्स इस दौरान करीब 11 फीसदी गिरा है।