CAS का सिस्टम वापस ले सकता है SEBI ! बीएसई सहित इन शेयरों को लगे पंख

SEBI ने अगस्त की शुरुआत में डेरिवेटिव्स सेटलमेंट प्राइसेज के कैलकुलेशन के लिए एक नया सिस्टम शुरू किया था। यह सिस्टम क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) है। इस सिस्टम के तहत कारोबार (Session) के अंत में शॉर्ट ऑक्शन सेशन होता है। इस सेशन के आधार पर शेयर का क्लोजिंग प्राइस तय होता है

अपडेटेड Oct 06, 2026 पर 11:53 AM
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अगस्त में CAS का सिस्टम लागू होने के बाद एक्सपायरी डेज (एक्सपायरी के दिन) में डेरिवेटिव्स प्राइसेज में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इस वजह से सेबी CAS पर पुनर्विचार कर रहा है।

कैपिटल मार्केट्स से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों में 6 अक्तूबर को तेजी दिखी। इनमें बीएसई, एनएसई, नुवामा वेल्थ, ग्रो, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर शामिल हैं। इसकी वजह एक खबर है। इस खबर के मुताबिक, सेबी डेरिवेटिव्स सेटलमेंट प्राइसेज के कैलकुलेशन के लिए कम से कम एक साल के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के इस्तेमाल पर रोक लगा सकता है।

अगस्त की शुरुआत में लागू हुआ था CAS

SEBI ने अगस्त की शुरुआत में डेरिवेटिव्स सेटलमेंट प्राइसेज के कैलकुलेशन के लिए एक नया सिस्टम शुरू किया था। यह सिस्टम क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) है। इस सिस्टम के तहत कारोबार (Session) के अंत में शॉर्ट ऑक्शन सेशन होता है। इस सेशन के आधार पर शेयर का क्लोजिंग प्राइस तय होता है। इस सिस्टम का इस्तेमाल अमेरिका, हांगकांग सहित दुनिया के कई बड़े बाजारों में होता है।


एक्सपायरी डेज में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव

अगस्त में CAS का सिस्टम लागू होने के बाद एक्सपायरी डेज (एक्सपायरी के दिन) में डेरिवेटिव्स प्राइसेज में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इस वजह से सेबी CAS पर पुनर्विचार कर रहा है। सेबी पिछले हफ्ते के अंत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया था कि उसे CAS में बदलाव को लेकर 20,000 सुझाव मिले हैं। दरअसल, सेबी ने पिछले महीने CAS को लेकर एक कंसल्टेशन पेपर इश्यू किया था। इस पर उसे ये सुझाव मिले हैं।

फिर से शुरू हो सकता है VWAP का इस्तेमाल

सूत्रों ने रायटर्स को बताया है कि CAS की जगह फिर से वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) का इस्तेमाल किया जा सकता है। CAS लागू होने से पहले डेरिवेटिव्स सेटलमेंट प्राइस तय करने के लिए VWAP का इस्तेमाल होता था। इसके तहत काराबोर के अंतिम 30 मिनट की ट्रेडिंग के आधार पर डेरिवेटिव्स सेटलमेंट प्राइस तय होता है। सूत्रों का कहना है कि कम से कम एक साल के लिए सेबी VWAP के आधार पर डेरिवेटिव्स सेटलमेंट प्राइस तय करने का फैसला ले सकता है।

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मोतीलाल ओसवाल के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

रेगुलेटर इस बारे में इस महीने के आखिर तक फैसला ले सकता है। इस वजह से 6 अक्तूबर को कैपिटल मार्केट्स से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। 11:30 बजे BSE का शेयर 2.85 फीसदी चढ़कर 3,270.30 रुपये पर चल रहा था। NSE का शेयर 1.28 फीसदी चढञकर 1,745.10 रुपये पर चल रहा था। Nuvama Wealth का शेयर 2.92 फीसदी के उछाल के साथ 1,874 रुपये पर चल रहा था। सबसे ज्यादा तेजी मोतीलाल ओसवाल के शेयरों में दिखी। यह 3.54 फीसदी चढ़कर 1,046.90 रुपये पर चल रहा था।

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