मार्च 2027 तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर जा सकता है बाजार, ASK प्राइवेट वेल्थ के राजेश सलूजा का दावा

राजेश सलूजा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद और कंपनियों की बेहतर अर्निंग ग्रोथ से बाजार में तेजी आएगी। उनका मानना है कि अगले 2-3 साल में भारतीय बाजार में शानदार तेजी देखने को मिल सकती है

अपडेटेड Apr 28, 2026 पर 3:38 PM
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सलूजा ने कहा कि बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं (BFSI) देने वाली कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा।

अगर आप शेयर बाजार में निवेश करने से डर रहे हैं तो आपको एएसके प्राइवेट वेल्थ के राजेश सलूजा की बात ध्यान से सुनने की जरूरत है। सलूजा का मानना है कि अगले साल मार्च तक भारतीय शेयर बाजार नई ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं। सलूजा ASK प्राइवेट वेल्थ के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उन्हें स्टॉक मार्केट में निवेश का व्यापक अनुभव है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने शेयरों को लेकर कई खास बातें बताईं।

मजबूत इकोनॉमी से शेयर बाजार में आएगी तेजी

उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद और कंपनियों की बेहतर अर्निंग ग्रोथ से बाजार में तेजी आएगी। उनका मानना है कि अगले 2-3 साल में भारतीय बाज़ार में शानदार तेजी देखने को मिल सकती है। उन्होंने कुछ खास सेक्टर की कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।


इन सेक्टर की कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर रहेगा

सलूजा ने कहा कि बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं (BFSI) देने वाली कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। क्रेडिट ग्रोथ और मजबूत बैलेंस शीट के दम पर यह सेक्टर बाज़ार की अगुआई करेगा। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को सरकार की पॉलिसी का फायदा होगा। 'मेक इन इंडिया' पर सरकार के फोकस से लंबी अवधि में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ज्यादा खर्च कर रही है।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में सावधानी बरतने की सलाह

उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग की इनकम बढ़ रही है, जिसका फायदा घरेलू खपत से जुड़ी कंपनियों को मिल सकता है। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि निवेशकों को स्मॉल और मिड-कैप शेयरों में निवेश में सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मॉल और मिडकैप में केवल वही कंपनियां टिकेंगी जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हैं और जो कैश जनरेट कर रही हैं। हर गिरते हुए मिडकैप शेयर को खरीदना जोखिम भरा हो सकता है।

बाजार कई बड़ी क्राइसिस का सामना कर चुका है

सलूजा ने कहा कि भारतीय बाजारों में बड़ी गिरावट आई है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी, जियोपॉलिटिकल टेंशन और क्रूड ऑयल की सप्लाई में बाधा का हाथ है। हालांकि, बुरा दौर पीछ छूट चुका है। हम बाजार रिकवरी के रास्ते पर बढ़ सकता है। बाजार के उतार-चढ़ाव के बारे में उन्होंने कहा कि यह नया नहीं है। इससे पहले में ग्लोबल क्राइसिस, एशियन फाइनेंशियल क्राइसिस और कोविड की महामारी देख चुके हैं।

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शेयर बाजार से कमाई के लिए इन बातों का रखें ध्यान

उन्होंने निवेशकों को कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एसेट ऐलोकेशन पर फोकस बनाए रखना जरूरी है। पोर्टफोलियो का विविधीकरण (Diversification) बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव की स्थिति में सुरक्षा देता है। साथ ही निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव से घबराने की जगह लंबी अवधि के निवेश पर फोकस करना चाहिए। हालांकि, इसके लिए धैर्य जरूरी है। इनवेस्टर्स को सिर्फ उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहिए, जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हैं और बिजनेस मॉडल पारदर्शी है।

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