Share Market News: अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान से शेयरों को पंख लग गए। 8 अप्रैल को शेयर बाजार मजबूती के साथ खुले। 12 बजे निफ्टी 801 यानी 3.46 फीसदी के उछाल के साथ 23,921 अंक पर चल रहा था। सेंसेक्स 2,720 अंक यानी 3.70 प्वाइंट्स के उछाल के साथ 77,340 पर चल रहा था। बाजार में जबर्दस्त रिकवरी से इनवेस्टर्स खुश हैं। मनीकंट्रोल ने कोटक महिंद्रा एएमसी के एमडी नीलेश शाह से इस रिकवरी के बारे में बात की। उनसे यह भी पूछा कि अब निवेशकों को क्या करना चाहिए।
सीजफायर से मार्केट में रिलीफ रैली की शुरुआत होगी
शाह ने कहा कि मध्यपूर्व में सीजफायर के ऐलान का स्वागत होना चाहिए। इससे मार्केट में रिलीफ रैली की शुरुआत हो सकती है। उन्होंने कहा कि जहां तक भारत का सवाल है तो खाड़ी देशों में काम करने वाले करीब 90 लाख भारतीयों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। दूसरा, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुल जाने से एनर्जी की कीमतें लड़ाई से पहले के स्तर की तरफ बढ़ेंगी। यह भारत के लिए काफी अहम है।
युद्ध बंद होने पर ही बाजार में तेजी जारी रहेगी
उन्होंने कहा कि मध्यपूर्व में रहने वाले भारतीय काफी पैसा भारत भेजते हैं। यह रेमिटेंस भारत के लिए काफी अहम है। उन्होंने कहा, "मार्केट में शॉर्ट कवरिंग की वजह से रिलीफ रैली दिखेगी। लेकिन मार्केट पर घटनाओं का असर पड़ता रहेगा।" उन्होंने कहा कि जब तक मध्यपूर्व क्राइसिस पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, इस तेजी के जारी रहने को लेकर संशय बना रहेगा। हालांकि, इस बार अमेरिका और ईरान दोनों की तरफ से सीजफायर को लेकर सहमति जताई गई है।
निवेशकों को एसेट ऐलोकेशन धर्म के पालन की सलाह
कोटक महिंद्रा एएमसी के एमडी ने निवेशकों को अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "इनवेस्टर्स को एसेट ऐलोकेशन के अपने धर्म का पालन करना चाहिए। उन्हें इवेंट्स की वजह से होने वाले उतार-चढ़ाव पर ध्यान नहीं देना चाहिए। गिरने वाले शेयरों को खरीदा जा सकता है।" सीएनबीसी-टीवी18 से एक अलग बातचीत में उन्होंने कहा कि क्रूड की कीमतों का तीन अंकों की जगह दो अंकों में होना बहुत अहम है।
इंडियन मार्केट अभी भी उभरते बाजारों से महंगा
उन्होंने कहा कि अभी इंडियन मार्केट्स में फॉरवर्ड अर्निंग्स के 18 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इसका मतलब है कि अभी भी इंडियन मार्केट्स उभरते बाजारों के मुकाबले प्रीमियम पर हैं। उन्होंने कहा कि चौथी तिमाही के नतीजों पर मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई का असर पड़ेगा। ऐसे में हमें जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों पर मध्यपूर्व की लड़ाई का असर देखना पड़ेगा।
स्मॉलकैप्स की अर्निंग्स ग्रोथ लार्जकैप के मुकाबले स्ट्रॉन्ग
शाह ने कहा कि 10 सालों तक पॉजिटिव रिटर्न देने के बाद 11वें साल में निफ्टी का फ्लैट प्रदर्शन वाजिब होगा। बीएफएसआई की वैल्यूएशन में कमी आई है। मार्च तिमाही में उनके मार्जिन पर इसका असर दिख सकता है। बीएफएसआई और डोमेस्टिक फोकस वाले कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि कोटक एएमसी बैलेंस्ड और मल्टी-एसेट फंड्स में हाई इक्विटी ऐलोकेशन मेंटेन कर रहा है। इक्विटी में निवेश के बाद कैश लेवल 1 फीसदी से कम है। स्मॉलकैप्स की अर्निंग्स ग्रोथ लार्जकैप के मुकाबले स्ट्रॉन्ग रही है।
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