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Stock Markets: ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के ऐलान के बाद इनवेस्टर्स को क्या करना चाहिए?

इंडियन इकोनॉमी घरेलू मांग पर ज्यादा निर्भर है। इंडिया की कुल GDP में प्राइवेट कंजम्प्शन की हिस्सेदारी 60 फीसदी तक है। करीब 4 लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी में अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी 90 अरब डॉलर से कम है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Aug 08, 2025 पर 2:11 PM
Stock Markets: ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के ऐलान के बाद इनवेस्टर्स को क्या करना चाहिए?
50 फीसदी टैरिफ के ऐलान के बाद Nifty 1 फीसदी से ज्यादता गिरा है। 8 अगस्त को भी इंडियन मार्केट्स पर काफी दबाव देखने को मिला।

एक हफ्ते के अंदर अमेरिका के साथ इंडिया के व्यापारिक रिश्ते व्यापारिक टकराव में बदल गए हैं। पहले अमेरिका ने इंडियन गुड्स पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया। उसके बाद अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ का ऐलान कर दिया। रूस-यूक्रेन युद्ध को रोक पाने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाकामी का इसमें हाथ है। दरअसल, प्रतिबंधों के बावजूद इंडिया रूस से ऑयल खरीद रहा है, जो ट्रंप को पसंद नहीं है।

भारत पर लगा 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ 6 अगस्त के 21 दिन बाद लागू होगा। इससे इंडिया दुनिया के उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिन पर अमेरिका ने सबसे ज्यादा टैरिफ लगाया है। कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका इंडिया की इकोनॉमी पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। कुछ एक्सपर्ट्स की राय इससे अलग है। उनका मानना है कि इसका असर इंडियन इकोनॉमी पर पड़ेगा।

इंडियन इकोनॉमी घरेलू मांग पर ज्यादा निर्भर है। इंडिया की कुल GDP में प्राइवेट कंजम्प्शन की हिस्सेदारी 60 फीसदी तक है। करीब 4 लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी में अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी 90 अरब डॉलर से कम है। इसके अलावा इनमें से कई चीजों का एक्सपोर्ट मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) के नियमों के तहत आता है। कुछ आइटम्स को टैरिफ से छूट हासिल है। इस हफ्ते आई उद्योग चैंबर PHDCCI की स्टडी में कहा गया है कि 25 फीसदी टैरिफ का असर इंडिया के करीब 8 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट पर पड़ेगा। यह इंडिया की जीडीपी का सिर्फ 0.2 फीसदी है।

लेकिन, 50 फीसदी टैरिफ का ज्यादा असर पड़ेगा। हालांकि, फार्मास्युटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स अभी ट्रंप के टैरिफ के दायरे से बाहर हैं। पेट्रोकेमिकल्स और ऑटो कंपोनेंट्स पर कम टैरिफ लगता है। इसका मतलब है कि इंडिया से अमेरिका को होने वाले करीब 30 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट पर टैरिफ का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। जिन सेक्टर के गुड्स पर ट्रंप के टैरिफ का असर पड़ेगा, उनमें इंजीनियरिंग गुड्स, टेक्सटाइल्स और जेम्स एंड ज्वैलरी शामिल हैं। इनकी अमेरिका को होने वाले कुल एक्सपोर्ट में करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी है।

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