Market insight : मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी मौजूद हैं। बाजार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि बाजार में हर दिन वोलेटिलिटी रहती ही है और इसी का नाम इक्विटी मार्केट है। ऐसे में हमें वोलैटिलिटी को लेकर बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है। हमें बाजार के वोलैटिलीटी को अपना दोस्त बना लेना चाहिए। अगर इसके दोस्त बना लिया जाय तो यह वेलैटिलिटी हमें बेनिफिट कराएगी।
उन्होंने आगे कहा कि मार्केट के स्विंग्स बढ़ रहे हैं। बाजार काफी तेजी से ऊपर नीचे हो रहा। ये भी बाजार के लिए जरूरी है। बगैर एजिलिटी के हम मार्केट को आउट परफॉर्म नहीं कर पाएंगे। बाजार में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच हमारा रिस्पांस टाइम भी कम हो रहा है। ऐसे में हमें अपने पोर्टफोलियो को ग्रोथ के जोड़ने के लिए एडजस्ट करना होगा।
इन बातों को ध्यान में रखते हुए ईएमएस सेक्टर अभी भी अच्छा लग रहा है। राजेश कोठारी के लग रहा है कि इस समय ईएमएस सेक्टर में बहुत बड़ा मौका है। टैरिफ को लेकर हो रही दिक्कत को देखते हुए भारत को आत्मनिर्भर होना होगा। आत्मनिर्भर भारत के लिए हमें ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार को ईएमएस सेक्टर के लिए ज्यादा इंसेंटिव्स का प्रावधान करना पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि अगर पीछे मुड़कर देंखें तो पता चलता है कि भारत को जब भी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है तो वह और मजबूत बन कर उभरा है। 1992 में जो प्रॉब्लम हुआ था और वहां से इंडिया बहुत बड़े ग्रोथ के साथ बाहर आया था। टैरिफ का ये संकट हमारे लिए अत्मनिर्भर बनने का एक अवसर है। भारत को इस समस्या से पार पाने के लिए अपनी इकोनॉमी को और कॉम्पिटिटिव बनाना होगा। इसके लिए हमें लैंड रिफॉर्म्स, लेबर रिफॉर्म्स, पीएलआई स्कीम्स और मेक इन इंडिया पर जोर जैसे सभी उपाय अपनाने होंगे। अगर ऐसे होता है तो निश्चिततौर पर आगे ईएमएस सेक्टर बहुत अच्छा करता दिखेगा।
इसके अलावा राजेश कोठारी को कंज्यूमर सेक्टर भी अच्छा लग रहा है। उनको लगता है कि इस सेक्टर में सेकंड हाफ से थोड़ा इम्रूवमेंट ग्रोथ आना चालू हो जाएगा। स्पेशलिटी केमिकल में भी ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। इसके अलावा चुनिंदा फॉर्मा शेयर भी अच्छे लग रहे हैं। फार्मा में भी हेल्थ केयर बिजनेस,हॉस्पिटल बिजनेस,डोमेस्टिक फार्मा बिजनेस है और सीडीएमओ प्लेयर्स ज्यादा अच्छे लग रहे हैं। इन सेक्टरों पर टैरिफ का कुछ खास असर नहीं होगा। बाजार में ऐसे कई पॉकेट हैं जो यूएस टैरिफ प्रूफ हैं। इन पर फोकस होना चाहिए।
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