Stocks to Buy: ब्रोकरेज फर्मों ने दिसंबर तिमाही (Q3) के नतीजों के बाद कई बड़ी कंपनियों के शेयरों को लेकर अपनी राय बदली है। उम्मीद से बेहतर नतीजों, मजबूत आउटलुक और हालिया गिरावट के बाद आकर्षक वैल्यूएशन को देखते हुए एनालिस्ट्स ने कुछ प्रमुख शेयरों की रेटिंग को बढ़ाया है। इनमें फार्मा, एग्रोकेमिकल और गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं।
फार्मा सेक्टर में डॉ रेड्डी लैबोरेटरीज (Dr Reddy's Labs) के शेयरों पर CLSA ने अपना रुख बदला है। ब्रोकरेज ने कंपनी की रेटिंग को ‘Sell’ से बढ़ाकर ‘Hold’ कर दिया है और इसका टारगेट प्राइस 1,210 रुपये तय किया है। CLSA का कहना है कि कंपनी ने दिसंबर तिमाही में रेवेन्यू और मुनाफे दोनों मोर्चों पर उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। ब्रोकरेज ने कहा कि उभरते बाजारों और भारत में मजबूत ग्रोथ हुई है, जिसने रेवलिमिड की कम बिक्री के कारण US बिजनेस में आई गिरावट की कुछ हद तक भरपाई कर दी है।
CLSA के अनुसार, रेवलिमिड को छोड़कर अमेरिकी बिजनेस में सिंगल डिजिट ग्रोथ की संभावना है, जबकि भारत और दूसरे उभरते बाजारों में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज ने सेमाग्लूटाइड (Semaglutide) को संभावित नए रेवेन्यू ड्राइवर के रूप में भी जिक्र किया है। इस दवा को भारत में मंजूरी मिल चुकी है और 21 मार्च को लॉन्च करने की योजना है। कनाडा में भी इसके लिए रिव्यू रिस्पॉन्स दाखिल किया गया है, जहां मई 2026 तक फैसला आने की उम्मीद है। इसके अलावा करीब 80 देशों में फाइलिंग की तैयारी की जा रही है। CLSA का मानना है कि भारत और उभरते बाजार आने वाले समय में Dr Reddy’s के लिए स्थिर और टिकाऊ ग्रोथ का आधार बन सकते हैं।
एग्रोकेमिकल सेक्टर में रैलिस इंडिया (Rallis India) को लेकर HSBC ने पॉजिटिव नजरिया अपनाया है। ब्रोकरेज ने शेयर की रेटिंग को ‘Hold’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दिया है और इसका टारगेट प्राइस 300 रुपये तय किया है। HSBC का कहना है कि चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बावजूद कंपनी का दिसंबर तिमाही में प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। एडजस्टेड शुद्ध मुनाफा अनुमान से अधिक रहा और कंपनी के सभी बिजनेस सेगमेंट्स ने अच्छा योगदान दिया।
HSBC के अनुसार, रैसिल इंडिया की बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति अब केवल घरेलू क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस तक सीमित नहीं रही, बल्कि बीज (Seeds) और एक्सपोर्ट सेगमेंट में भी इसके सकारात्मक नतीजे दिखने लगे हैं, जहां रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा, पिछले छह महीनों में शेयर में करीब 35 फीसदी की तेज गिरावट आ चुकी है, जिसके चलते मौजूदा वैल्यूएशन आकर्षक हो गए हैं। बेहतर अर्निंग विजिबिलिटी के साथ यही कारण है कि ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग दी है।
गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में गुजरात गैस (Gujarat Gas) के शेयरों पर भी CLSA ने अपनी रेटिंग में इजाफा किया है। ब्रोकरेज ने इसकी रेटिंग को ‘Sell’ से बढ़ाकर ‘Hold’ कर दिया है और टारगेट प्राइस 375 रुपये कर दिया है। कंपनी का दिसंबर तिमाही में स्टैंडअलोन मुनाफा मोटे तौर पर अनुमानों के अनुरूप रहा और यूनिट मार्जिन में मजबूती ने वॉल्यूम में हल्की कमी की भरपाई कर दी।
CLSA के मुताबिक, यूनिट EBITDA मार्जिन उम्मीद से बेहतर रहा, हालांकि इंडस्ट्रियल डिमांड में तेज गिरावट के कारण कुल वॉल्यूम्स में तिमाही आधार पर कमी दर्ज की गई। कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया है कि जनवरी में कीमतों में कटौती के बाद मोरबी क्षेत्र में वॉल्यूम्स में सुधार आया है। दिसंबर तिमाही में जहां मोरबी की मांग करीब 1.7 mmscmd थी, वह अब बढ़कर लगभग 2.2 mmscmd हो गई है और फरवरी–मार्च तक इसके 3.0–3.2 mmscmd तक पहुंचने की उम्मीद है।
CLSA ने यह भी कहा कि Gujarat Gas, GSPL और GSPC के बीच प्रस्तावित स्कीम ऑफ अरेंजमेंट तय समय के अनुसार आगे बढ़ रही है और सभी जरूरी मंजूरियों के बाद इसे वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत तक पूरा किया जा सकता है। बेहतर वॉल्यूम आउटलुक को देखते हुए CLSA ने मार्च तिमाही के लिए अपने अनुमान बढ़ाए हैं और FY26 के लिए EPS में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की है। वहीं FY27 और FY28 के लिए EPS को क्रमशः 2 फीसदी और 4 फीसदी बढ़ाया गया है।
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