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Stocks to Watch: संभलकर निफ्टी की वीकली एक्सपायरी पर, इन शेयरों पर रखें नजर

Stocks to Watch Today: एक कारोबारी दिन पहले चौतरफा खरीदारी के माहौल में मार्केट में रिकवरी हुई। हालांकि इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) रिकॉर्ड हाई से अभी भी करीब 11 फीसदी नीचे हैं। पिछले साल 27 सितंबर को इंट्रा-डे में सेंसेक्स 86 हजार के काफी करीब 85,978.25 और निफ्टी भी 26300 के करीब 26,277.35 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा था। जानिए कि आज किन शेयरों में तेज हलचल रह सकती है?

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 03, 2025 पर 8:34 AM
Stocks to Watch: संभलकर निफ्टी की वीकली एक्सपायरी पर, इन शेयरों पर रखें नजर
एक कारोबारी दिन पहले खरीदारी के माहौल में दिन के आखिरी में बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 592.93 प्वाइंट्स यानी 0.78% उछलकर 76617.44 तो निफ्टी 50 (Nifty 50) 0.72% यानी 166.65 प्वाइंट्स की तेजी के साथ 23332.35 पर बंद हुआ था।

Stocks to Watch: गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन भारी गिरावट के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ बम फोड़ दिया है जिसका असर आज मार्केट पर दिख सकता है। एक कारोबारी दिन पहले की बात करें तो हर सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ग्रीन था। खरीदारी के माहौल में दिन के आखिरी में बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 592.93 प्वाइंट्स यानी 0.78% उछलकर 76617.44 तो निफ्टी 50 (Nifty 50) 0.72% यानी 166.65 प्वाइंट्स की तेजी के साथ 23332.35 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो एक स्टॉक की लिस्टिंग के साथ अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ शेयरों में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

प्रोविजनल तिमाही कारोबारी आंकड़े

Dabur Q4 (YoY)

मार्च तिमाही में डॉबर के मॉडर्न ट्रेड, ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स की ग्रोथ रफ्तार बनी रही तो आम ट्रेड में दबाव बना रहा। एफएमसीजी वॉल्यूम का भी रुझान सुस्त बना रहा। MENA (मिडिल ईस्ट एंड नॉर्थ अफ्रीका) क्षेत्र, इजिप्ट, बांग्लादेश में मजबूत परफॉरमेंस के आसार हैं तो कॉन्स्टैंट करेंसी टर्म में इंटरनेशनल बिजनेस की ग्रोथ दोहरे अंकों में दिख सकती है। घरेलू कारोबार की बात करें तो 'होममेड' और 'बादशाह' का फूड बिजनेस बेहतर बना रहा और इसकी ग्रोथ दोहरे अंकों में होने की उम्मीद है। हालांकि डाबर का मानना है कि देर से आने और कम समय तक सर्दियों के चलते और शहरों में सुस्ती के चलते भारत में एफएमसीजी बिजनेस 5-9 फीसदी के बीच रह सकता है। कंसालिडेटेड रेवेन्यू फ्लैट रह सकता है। वहीं मंहगाई और ऑपरेटिंग डीलेवरेज के चलते ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 1.50-1.75 फीसदी सिकुड़ सकता है।

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