शेयरों के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) मार्केट में 1 अप्रैल यानी कल से बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। 1 अप्रैल से सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) के नए रेट्स लागू हो जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2026 को यूनियन बजट में एफएंडओ में एसटीटी बढ़ाने का ऐलान किया था।
एफएंडओ ट्रेडर्स पर एसटीटी बढ़ने का असर
फ्यूचर्स पर एसटीटी 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया है। ऑप्शंस में प्रीमियम पर एसटीटी 0.1 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी किया गया है। यह फ्यूचर्स में 150 फीसदी और ऑप्शंस में एसीटीटी में 50 फीसदी का इजाफा है। एसटीटी बढ़ने का असर एफएंडओ ट्रेडर्स पर पड़ता है। इससे फ्यूचर्स ट्रेडर्स का ब्रेकइवन करीब दोगुना हो जाता है।
इस तरह से समझें कैसे पड़ेगा असर
इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। मान लीजिए निफ्टी 22,845 पर है, लॉट साइज 65 है और कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 14.85 लाख रुपये है। पहले के 0.02 रेट के हिसाब से एसटीटी 297 रुपये और दूसरे चार्जेज 95 रुपये होंगे। दोनों को मिलाकर 392 रुपये होंगे। इसे 65 से डिवाइड करने पर 6 प्वाइंट्स आते हैं, जबकि एसटीटी के नए 0.05 फीसदी रेट में कुल चार्ज 837 रुपये होंगे। इसमें 742 रुपये एसटीटी शामिल होगा। 837 को 65 से डिवाइड करने पर करीब 13 आता है। इस तरह फ्यूचर्स ट्रेडर्स को एसटीटी के नए रेट के तहत ब्रेकइवन हासिल करने के लिए 2 गुना मूव जरूरी है।
ओवरट्रेडिंग महंगी हो जाएगी
बैंक निफ्टी फ्यूचर्स के लिए ट्रेडर्स को 1 अप्रैल से 26-प्वाइंट ब्रेकइवन की जरूरत होगी, जबकि पहले 10.4 प्वाइंट्स की जरूरत होती थी। सेंसेक्स फ्यूचर्स ट्रेडर्स को 37.5 प्वाइंट ब्रेकइवन की जरूरत पड़ेगी, जबिक पहले 15 प्वाइंट की जरूरत पड़ती थी। इसका मतलब है कि ओवरट्रेडिंग महंगी हो जाएगी, कमजोर और साधारण एंट्रीज पर इसकी मार पड़ेगी और स्मॉल स्काल्प्स की चमक घट जाएगी। हालांकि, फ्यूचर्स जैसा ब्रेकइवन ऑप्शंस में बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा। हालांकि, एसटीटी के नए रेट में 2-3 प्वाइंट्स का मूव आएगा।
वॉल्यूम पर भी पड़ेगा एसटीटी बढ़ने का असर
ब्रोकर्स का मानना है कि एसटीटी बढ़ने से वॉल्यूम पर काफी असर पड़ेगा। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के एमडी और सीईओ धीरज रेल्ली ने कहा था, "एफएंडओ में एसटीटी का बढ़ना वॉल्यूम के लिए निगेटिव है और आगे वॉल्यूम में 20-30 फीसदी गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे एफएंड मार्केट में ट्रांजैक्शन की कॉस्ट बढ़ जाएगी।" उन्होंने कहा था कि एसटीटी बढ़ने का असर मार्केट पर पड़ेगा। चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि शॉर्ट टर्म में फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर (FPI) पर भी असर पड़ सकता है।