बिल्डर और अधिकारियों के बीच सांठगांठ के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज नोएडा अथॉरिटी के कामकाज को लेकर फटकार लगाई। कोर्ट ने SIT बनाकर अधिकारियों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस मुद्दे पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी को फटकार लगाते हुए नई SIT बना कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। पहले की SIT ने नोएडा अथॉरिटी के काम में कई गलतियां बताईं हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिना ग्रीन बेंच की अनुमति कोई प्रोजेक्ट मंजूर नहीं होगा। अधिकारियों की सांठगांठ से ज्यादा मुआवजा दिया गया है। 20 जमीन मालिकों को अनाप शनाप मुआवजा दिया गया है। 1198 केसों में बढ़ा हुआ मुआवजा दिया गया है। SIT ने कहा है कि अधिकारियों के बैंक खातों की जांच जरूरी है। नोएडा अथॉरिटी के कामकाज में कोई पारदर्शिता नहीं है।
कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी द्वारा जमीन मालिकों को अधिक मुआवजा देने की मिलीभगत की प्रारंभिक जांच के आदेश दिए। नई SIT में कोर्ट ने IPS अधिकारियों के साथ फोरेंसिक और आर्थिक अपराध शाखा के सदस्यों को शामिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा की नई परियोजनाओं पर पर्यावरणीय और ग्रीन बेंच की मंजूरी के बिना रोक लगाने का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी को भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए नोएडा में तुरंत एक मुख्य सतर्कता अधिकारी (IPS काडर से या सीएजी के किसी अधिकारी) की नियुक्ति करने का निर्देश भी दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि नोएडा को निवासियों के विचारों से अवगत कराने के लिए तत्काल एक नागरिक सलाहकार बोर्ड का गठन किया जाए।