Suzlon Energy Q4 Results: सुजलॉन एनर्जी को ₹1114 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू में 45% का तगड़ा उछाल
Suzlon Energy Q4 Results: सुजलॉन एनर्जी का मार्च तिमाही मुनाफा मामूली घटकर 1,114 करोड़ रुपये रहा, लेकिन रेवेन्यू में 45% की मजबूत बढ़त दर्ज हुई। कंपनी की विंड टरबाइन डिलीवरी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची और ऑर्डर बुक 5.9 गीगावाट तक बढ़ गई है। शेयरों की चाल समेत जानिए पूरी डिटेल।
सुजलॉन का शेयर 0.5% की गिरावट के साथ 53.5 रुपये पर बंद हुआ।
Suzlon Energy Q4 Results: रिन्यूएबल और विंड एनर्जी कंपनी Suzlon Energy ने 25 मई को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। सुजलॉन का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 5.7% घटकर 1,114 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी ने 1,181 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।
हालांकि मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी के कारोबार में अच्छी बढ़त देखने को मिली। तिमाही के दौरान ऑपरेशंस से होने वाली कमाई 44.9% बढ़कर 5,468 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,774 करोड़ रुपये थी।
ऑपरेशनल परफॉर्मेंस भी मजबूत रहा
सुजलॉन की EBITDA, यानी परिचालन स्तर पर कमाई, 39.1% बढ़कर 964 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 693 करोड़ रुपये थी। हालांकि EBITDA मार्जिन में हल्की गिरावट दर्ज की गई। यह घटकर 17.6% रह गया, जबकि पिछले साल समान तिमाही में यह 18.4% था।
विंड टरबाइन डिलीवरी में तेजी
तिमाही के दौरान Suzlon ने विंड टरबाइन डिलीवरी में भी मजबूत प्रदर्शन किया। जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी की शुद्ध डिलीवरी 830 मेगावाट रही। एक साल पहले इसी अवधि में यह 573 मेगावाट थी। पिछली तिमाही में कंपनी ने 617 मेगावाट की डिलीवरी की थी। यानी कंपनी लगातार ज्यादा परियोजनाएं पूरी कर रही है और बाजार की मांग को पूरा करने की क्षमता बढ़ा रही है।
टैक्स पहले का मुनाफा भी बढ़ा
सुजलॉन का टैक्स से पहले का मुनाफा बढ़कर 833 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में 551 करोड़ रुपये था। इसके अलावा कंपनी को तिमाही के दौरान 70 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ भी मिला, जिससे उसके कुल वित्तीय प्रदर्शन को सहारा मिला।
पूरे वित्त वर्ष में रिकॉर्ड कारोबार
पूरे वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो Suzlon का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंपनी का राजस्व बढ़कर 16,679 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 10,851 करोड़ रुपये था।
इसी तरह कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2,072 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,163 करोड़ रुपये हो गया। वहीं EBITDA भी 1,857 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,022 करोड़ रुपये पहुंच गया।
सालभर में 2,456 मेगावाट की डिलीवरी
वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी ने कुल 2,456 मेगावाट की विंड टरबाइन डिलीवरी की। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 1,550 मेगावाट था। यह बढ़ोतरी बताती है कि कंपनी की परियोजनाओं की रफ्तार और बाजार में मांग दोनों मजबूत बनी हुई हैं।
5.9 गीगावाट की ऑर्डर बुक
सुजलॉन के सीईओ अजय कपूर ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में Suzlon ने भारत में अब तक की सबसे ज्यादा सालाना डिलीवरी करते हुए करीब 2.5 गीगावाट का स्तर हासिल किया है। उनके मुताबिक यह कंपनी की मजबूत निष्पादन क्षमता को दिखाता है।
उन्होंने बताया कि कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 5.9 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। इसमें लगभग 66% हिस्सेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक ग्राहकों की है। अजय कपूर का कहना है कि विंड एनर्जी क्षेत्र में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है और कंपनी को आने वाले समय में भी अच्छे कारोबारी अवसर दिखाई दे रहे हैं।
Suzlon के शेयरों का हाल
Suzlon Energy के शेयर सोमवार को नतीजों के बाद दबाव में नजर आए और हरे से लाल निशान में आ गए। सुजलॉन का शेयर 0.5% की गिरावट के साथ 53.5 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक साल में कंपनी का शेयर करीब 17% गिरा है। इसी अवधि में निफ्टी 50 में 3.8% की गिरावट दर्ज की गई है।
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