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Suzlon को मिला Tata Power से 400 MW का ऑर्डर, साझेदारी ने छू दी नई ऊंचाई

Suzlon Energy News: सुजलॉन एनर्जी और टाटा पावर के कारोबारी साझेदारी और मजबूत हुई है। टाटा पावर से सुजलॉन एनर्जी को 400 मेगावाट का ऑर्डर मिला है और इसके साथ ही दोनों के बीच चार राज्यों में 1 गीगावाट से अधिक की साझेदारी हो गई। जानिए सुजलॉन के लिए यह माइलस्टोन कितना अहम है और इसके तहत किस राज्य में काम होगा और क्या

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jun 25, 2026 पर 2:23 PM
Suzlon को मिला Tata Power से 400 MW का ऑर्डर, साझेदारी ने छू दी नई ऊंचाई
Suzlon Energy को Tata Power ने 400 मेगावाट का ईपीसी ऑर्डर दिया और इसके साथ ही अब दोनों के बीच चार राज्यों में 1 गीगावाट से अधिक की साझेदारी हो चुकी है।

Suzlon Energy News: विंड टर्बाइन बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार सुजलॉन एनर्जी की टाटा पावर (Tata Power) के साथ साझेदारी और मजबूत हुई है। टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी से इसे 400 मेगावाट का EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) ऑर्डर मिला है। इसके साथ ही दोनों कंपनियों के बीच कुल साझेदारी बढ़कर 1 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है। शेयरों की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर सुजलॉन एनर्जी के शेयर 0.24% की गिरावट के साथ ₹57.77 के भाव पर हैं। आज लगातार तीसरे दिन यह रेड जोन में है। इससे पहले लगातार दो दिनो में यह 2% से अधिक कमजोर हुआ था।

Tata Power से अब कैसा ऑर्डर मिला है Suzlon Energy को

सुजलॉन एनर्जी को टाटा पावर ने 400 मेगावाट का ईपीसी ऑर्डर दिया और इसके साथ ही अब दोनों के बीच चार राज्यों में 1 गीगावाट से अधिक की साझेदारी हो चुकी है। यह ऑर्डर सुजलॉन के नए DevCo (Development Company) बिजनेस मॉडल के तहत मिला है। यह टाटा पावर से इसे मिला चौथा ऑर्डर और पिछले 12 महीनों में दूसरा रिपीट ऑर्डर है। कंपनी ने आज 25 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक इस प्रोजेक्ट में आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में काम किया जाएगा, जहां सुजलॉन का ऑर्डर बुक अब करीब 1 गीगावट हो चुका है। आंध्र प्रदेश में अब कंपनी का इंस्टॉल्ड बेस 1.8 गीगावट है जोकि दक्षिण भारत में इसकी कुल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी का 28.44% है।

टाटा पावर के साथ नए प्रोजेक्ट की बात करें तो इसमें सुजलॉन अपने एस144 विंड टर्बाइन जेनेरेट्स की 127 यूनिट सप्लाई करेगी जिसमें हर एक की क्षमता 3.15 मेगावाट होगी। इसमें कंपनी को जमीन हासिल करने से लेकर टर्बाइन सप्लाई करने, बैलेंस ऑफ प्लांट (BoP), पूलिंग सबस्टेशन (PSS), एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज (EHV) ट्रांसमिशन लाइन, कमीशनिंग, O&M (ऑपरेशन्स एंड मेंटेनेंस) सर्विसेज का काम संभालना है।

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