Suzlon Energy share Price: ब्रोकरेज फर्मों ने घटाया टारगेट प्राइस, शेयर 4% टूटा, आखिर क्या है वजह
Suzlon Energy share Price: सुज़लॉन एनर्जी पर 12 एनालिस्ट नजर रखते हैं, जिनमें से 10 ने इसे "खरीदने" (buy) की रेटिंग दी है और बाकी दो ने "होल्ड" (hold) की रेटिंग दी है
रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी ने मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और रिकॉर्ड विंड टरबाइन डिलीवरी के बावजूद पहली तिमाही के मुनाफे में गिरावट दर्ज की थी। निवेशकों ने कमजोर मार्जिन और कम मुनाफे पर प्रतिक्रिया दी।
Suzlon Energy share Price: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी के शेयरों पर बुधवार 29 जुलाई को दबाव देखने को मिला। एनएसई पर शेयर करीब 4 फीसदी टूटा है। वहीं पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में शेयर में 10 फीसदी से ज्यादा का दबाव देखने को मिला। शेयर में यह गिरावट तिमाही नतीजों और ब्रोकरेज फर्मों द्वारा इसके टारगेट प्राइस में कटौती के बाद देखा गया है।
रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी ने मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और रिकॉर्ड विंड टरबाइन डिलीवरी के बावजूद पहली तिमाही के मुनाफे में गिरावट दर्ज की थी। निवेशकों ने कमजोर मार्जिन और कम मुनाफे पर प्रतिक्रिया दी। हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों ने काफी हद तक स्टॉक पर अपना सकारात्मक रुख बनाए रखा, लेकिन तिमाही नतीजों के बाद कुछ ब्रोकरेज फर्मों ने अपने टारगेट प्राइस में कटौती की, जिसमें UBS और Nuvama जैसे नाम शामिल है। हालांकि कंपनी का मैनेजमेंट कह रहा है कि साल की दूसरी छमाही (H2), पहली छमाही (H1) के मुकाबले बेहतर रहेगी। बता दें कि पहली तिमाही के नतीजे आने के बाद मंगलवार को कंपनी के शेयर में 10% की गिरावट आई थी।
मंगलवार को हुई अर्निंग्स कॉल के दौरान, Suzlon Energy ने बताया कि वेस्ट एशिया में जियोपॉलिटिकल दिक्कतों की वजह से जो 10% से 20% डिलीवरी में देरी हुई थी, उसके आने वाली तिमाहियों में रिकवर होने की उम्मीद है। मैनेजमेंट ने यह भी अनुमान लगाया है कि दूसरी छमाही बेहतर रहेगी, जिसमें H1 और H2 का हिस्सा क्रमशः 35%-40% और 60%-65% होगा।
जून तिमाही के दौरान Suzlon Energy के मार्जिन में कमी आई। मैनेजमेंट ने इसकी वजह वन-टाइम इन्वेस्टमेंट कॉस्ट, EPC की तरफ शिफ्टिंग और कम ऑपरेटिंग लेवरेज को बताया।
कंपनी ने अब इस साल के लिए अपने EBITDA मार्जिन का अनुमान 17% से 18% के बीच लगाया है, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2026 में यह 18% था। इस साल के लिए Capex का अनुमान ₹700 करोड़ है, जिसमें DevCo के लिए ₹500 करोड़ का इन्वेस्टमेंट शामिल नहीं है।
टारगेट प्राइस में कटौती क्यों
ब्रोकरेज फर्म Nuvama ने अपनी "hold" रेटिंग बनाए रखते हुए इसके प्राइस टारगेट को पहले के ₹56 से घटाकर ₹51 कर दिया है। Nuvama का कहना है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 के लिए अपने अर्निंग्स पर शेयर (EPS) अनुमानों में क्रमशः 13% और 10% की कटौती की है, क्योंकि उन्होंने मार्जिन अनुमानों में बदलाव किया है और ज़्यादा डेप्रिसिएशन और इंटरेस्ट कॉस्ट को भी ध्यान में रखा है।
वहीं UBS ने Suzlon पर अपनी "buy" रेटिंग बनाए रखी है, लेकिन प्राइस टारगेट को पहले के ₹72 से घटाकर ₹66 कर दिया है।
JM Financial ने ₹62 के प्राइस टारगेट के साथ स्टॉक पर अपनी "buy" रिकमेंडेशन बनाए रखी है। जिसका मतलब है कि इसमें लगभग 29% की बढ़ोतरी की संभावना है। ब्रोकरेज ने कहा कि मजबूत WTG डिलीवरी के बावजूद EBITDA मार्जिन उम्मीद से कम रहा; WTG डिलीवरी पिछले साल की इसी तिमाही के 444 MW से बढ़कर Q1 FY27 में 506 MW हो गई थी।
उन्होंने गौर किया कि कमीशनिंग धीमी रही, क्योंकि इंस्टॉलेशन की तुलना में डिलीवरी ज़्यादा तेज़ी से होती रही। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि यह अंतर कम हो जाएगा क्योंकि FY28 के आखिर से कई ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग शुरू हो जाएगी।
बता दें कि जून तिमाही के लिए, Suzlon Energy ने पिछले साल के मुकाबले 22% रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹3,828 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि इसका EBITDA (इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले स्थिर रहा। नेट प्रॉफ़िट में भी साल-दर-साल 6% की गिरावट आई। सुज़लॉन एनर्जी पर 12 एनालिस्ट नज़र रखते हैं, जिनमें से 10 ने इसे "खरीदने" (buy) की रेटिंग दी है और बाकी दो ने "होल्ड" (hold) की रेटिंग दी है।
सुजलॉन एनर्जी के शेयरों का प्रदर्शन
सुजलॉन एनर्जी के शेयर कई समय-सीमाओं में दबाव में रहे हैं। पिछले एक हफ़्ते में इस स्टॉक में लगभग 11%, एक महीने में 17%, पिछले तीन महीनों में 16% और पिछले साल में 23% की गिरावट आई है। हालिया गिरावट के बावजूद, यह स्टॉक लंबे समय में मल्टीबैगर बना हुआ है, जिसने पिछले पांच वर्षों में 717% का रिटर्न दिया है। सुजलॉन के शेयरों ने अगस्त 2025 में ₹66.80 का 52-हफ़्ते का उच्चतम स्तर छुआ था, जबकि 52-हफ़्ते का निचला स्तर ₹38.17 है, जो मार्च 2026 में दर्ज किया गया था।
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