Suzlon Share Price: विंड टर्बाईन बनाने वाली कंपनी सुजलॉन (Suzlon) के शेयरों पर आज लगातार तीसरे दिन दबाव दिखा। इसमें से आज लगातार दूसरे दिन तो यह लोअर सर्किट पर आ गया। लगातार छह कारोबारी दिनों में 13 फीसदी से अधिक की तेजी के बाद अब तीन कारोबारी दिनों में यह 12 फीसदी फिसल चुका है। तीन दिनों की लगातार गिरावट के बावजूद चार्ट पर यह शेयर मजबूत दिख रहा है। आज शेयरों के चाल की बात करें तो करीब 5 फीसदी टूटकर यह 37.32 रुपये पर आ गया और इसी लेवल पर यह बंद भी हुआ है। पिछले हफ्ते तेजी के दौरान 17 नवंबर को यह 2011 के बाद के रिकॉर्ड हाई 44 रुपये पर पहुंच गया था।
चार्ट पर क्या है Suzlon की स्थिति
सुजलॉन के शेयर लगातार तीन कारोबारी दिनों में 12 फीसदी से अधिक गिर चुके हैं। हालांकि अभी भी चार्ट पर यह बेहतर स्थिति में है। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर है। इसका 50 दिनों का मूविंग एवरेज 30.83 रुपये, 100 दिनों का मूविंग एवरेज 25.38 रुपये और 200 दिनों का मूविंग एवरेज 17.47 रुपये है। इसका रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 56 पर है जो ओवरबॉट जोन से नीचे आ गया है। RSI ओवरबॉट स्थिति में 70 के ऊपर होता है।
मुनाफावसूली और कमजोर मार्केट सेंटिमेंट के चलते लगातार तीन कारोबारी दिनों में सुजलॉन में गिरावट आई। इससे पहले लगातार छह कारोबारी दिनों में इसमें तीन अहम वजहों के चलते खरीदारी का शानदार रुझान दिखा था। इसके एस144-3 मेगावॉट सीरीज के विंड टर्बाईन को मिनिस्ट्री ऑफ न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी ने मॉडल् और मैनुफैक्चरर्स की लिस्ट में शामिल कर लिया है जिससे इसके कॉमर्शियल प्रोडक्शन का रास्ता तैयार हुआ।
इसके अलावा सुजलॉन के शेयर पिछले हफ्ते बुधवार को MSCI के ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल हुए। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि इससे सुजलॉन में 20-30 करोड़ डॉलर का निवेश आ सकता है। इसके अलावा 2022 में राइट इश्यू और हालिया QIP (क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट) के चलते यह डेट फ्री हो चुकी है और अब इसके पास करीब 600 करोड़ रुपये की नगदी है। इन सबने सुजलॉन के पक्ष में माहौल तैयार किया।