Maruti Suzuki Share Price: कार बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) के शेयरों में आज गिरावट का रुझान दिख रहा है। इसके शेयरों में यह गिरावट ऐसे समय में आया है जब कंपनी ने बोर्ड की बैठक के बारे में खुलासा किया है जिसमें पैरेंट सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन (SMC) को प्रिफेरेंशियल शेयर अलॉटमेंट को मंजूरी दी जाएगी। बोर्ड की यह बैठक 24 नवंबर को होनी है। इस खुलासे के अगले दिन आज मारुति के सुजुकी फिसल गए। बीएसई पर आज यह 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 10486.35 रुपये पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 10547.95 रुपये की ऊंचाई तक पहुंचा था तो 10422.05 रुपये के निचले स्तर तक आया भी था।
सुजुकी को कितने शेयर मिलेंगे?
एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक सुजुकी को मारुति सुजुकी इंडिया 1.23 करोड़ शेयर प्रिफरेंस के आधार पर अलॉट कर सकती है। कंपनी ने अक्टूबर में ही इस प्रस्ताव की जानकारी दे दी थी। कंपनी ने बताया था कि कंपनी ने सुजुकी को 5 रुपये की फेस वैल्यू वाले 1.23 करोड़ फुल्ली पेड-अप इक्विटी शेयर सुजुकी मोटर को देने का फैसला किया है। औसतन 10,420.85 रुपये के भाव पर इस सौदे की वैल्यू 12,800 करोड़ रुपये बैठ रही है। इसके बदले में सुजुकी गुजरात में स्थित मारुति सुजुकी के प्लांट का मालिकाना हक इसे देने को तैयार है।
शेयर मिलने के बाद सुजुकी की मारुति सुजुकी में हिस्सेजारी 56.48 फीसदी से बढ़कर 58.19 फीसदी हो जाएगी। वहीं म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी 12.19 फीसदी से घटकर 11.71 फीसदी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की होल्डिंग भी 21.87 फीसदी से घटकर 20.01 फीसदी रह जाएगी।
Maruti क्यों लेकर आई है यह प्रस्ताव
भारतीय कार मार्केट और एक्सपोर्ट में ग्रोथ की तगड़ी गुंजाईश है तो ऐसे में मारुति के मुताबिक इसे अपनी प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी और 2030-31 तक इसे सालाना 40 लाख तक ले जाना होगा। यह मौजूदा क्षमता से करीब दोगुना है। यह काम सिर्फ एक प्लांट पर नहीं होगा बल्कि और भी प्लांट पर प्रोडक्शन क्षमता बढ़ाई जाएगी। कंपनी का मानना है कि ईवी, हाइब्रिड, सीएनजी, एथेनॉल जैसी पावरट्रेन टेक्नोलॉजीज लंबे समय तक एक-साथ मार्केट में बनी रह सकती हैं। ऐसे में अलग-अलग मैनेजमेंट के तहत इनका बड़े पैमाने पर अलग-अलग प्रोडक्शन होने पर दिक्कत बढ़ेंगी। ऐसे में बोर्ड ने विचार किया और फैसला लिया कि प्रोडक्शन से जुड़े सभी कामों को एक ही मैनेजमेंट मारुति सुजुकी इंडिया के तहत लाया जाए।