Swan Defence shares: स्वान डिफेंस एंड हेवी इंडस्ट्रीज के शेयरों में 18 मार्च को बड़ी गिरावट दिखी। 5 फीसदी गिरने पर इस शेयर में लोअर सर्किट लग गया। इससे पहले कंपनी के प्रमोटर ने ऑफर फॉर सेल के जरिए हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया था। प्रमोटर हेजल इंफा लिमिटेड कंपनी में ओएफएस के जरिए 5.01 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। इसका मकसद सेबी के मिनिमम शेयरहोल्डिंग नियम का पालन है। ओएफएस 18 मार्च और 19 मार्च को खुला रहेगा। 18 मार्च को सिर्फ नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स इस ओएफएस में पार्टिसिपेट करेंगे।
ओएफएस के लिए 1900 रुपये का फ्लोर प्राइस
दिसंबर तिमाही में शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, Swan Defence and Heavy Industries में प्रमोटर्स की 94.91 फीसदी हिस्सेदारी थी। यह सेबी की 75 फीसदी मिनिमम शेयरहोल्डिंग की सीमा से काफी ज्यादा है। ओएफएस के लिए कंपनी ने 1,900 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। प्रमोटर को हिस्सेदारी बेचने से 501.3 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। ओएफएस की प्रक्रिया 24 मार्च से पहले पूरी हो जाएगी।
बीते महीनों में कंपनी को कई बड़े ऑर्डर्स मिले
ओएफएस के बाद कंपनी में हेजल इंफ्रा की हिस्सेदारी 94.9 फीसदी से घट जाएगी। ओएफएस के जरिए कंपनी लॉन्ग टर्म इनवेस्टर्स को आकर्षित कर सकती है। साथ ही इससे कंपनी को लेकर भरोसा भी बढ़ेगा। बीते कुछ महीनों में कंपनी को अच्छे ऑर्डर्स मिले हैं। जनवरी 2026 में इसे Rederiet Stenersen AS से छह 18,000 डेडवेट टन केमिकल टैंकर्स बनाने के ऑर्डर मिले थे, जिसकी वैल्यू करीब 2,080 करोड़ रुपये थी। इन टैंकर्स की डिलीवरी 36 महीनों में होने की उम्मीद है।
कंपनी कमर्शियल शिपबिल्डिंग सहित कई सेवाएं देती है
इस साल फरवरी में कंपनी को ओमान की सरकार से भी एक ऑर्डर मिला था। इसके तहत कंपनी ओमान को ट्रेनिंग शिप की सप्लाई करेगी। इसकी डिलीवरी 18 महीनों में होगी। स्वान डिफेंस कमर्शियल शिपबिल्डिंग से जुड़ी कई तरह की सेवाएं देती है। यह रिपेयर और ऑफशोर हेवी फैब्रिकेशन सेवाएं भी देती है।
बीते एक साल में 2265 फीसदी चढ़ा है शेयर
18 मार्च को 5 फीसदी गिरने के बाद यह शेयर 2,279 पर आ गया। इसके बाद इसमें लोअर सर्किट लग गया। यह शेयर बीते एक साल में 2265 फीसदी चढ़ा है। 18 मार्च, 2025 को इसका भाव 82.11 रुपये था। इस शेयर में 17 मार्च को भी बड़ी गिरावट आई थी। हालांकि, इस साल यह शेयर अब तक 64 फीसदी चढ़ चुका है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 12,010 करोड़ रुपये है।