ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयरों में 6 अगस्त को दिन में 5.6 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। BSE पर कीमत 305.10 रुपये के हाई तक गई। कंपनी ने कहा है कि उसकी नजर वित्त वर्ष 2030-31 तक ₹10,000 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA हासिल करने पर है। ऐसा खाने-पीने की चीजों की किफायती कीमतों और इंस्टामार्ट की अलग रणनीति के दम पर हो सकता है। कंपनी इंस्टामार्ट के जरिए क्विक कॉमर्स सेक्टर में भी है।
स्विगी ने 6 अगस्त को 'कैपिटल मार्केट्स डे 2026' में अपने FY31 के विजन की रूपरेखा पेश की। कंपनी ने अपनी 'कंसोलिडेटेड ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू' (GOV) को वित्त वर्ष 2026 के ₹67,734 करोड़ से तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ाकर लगभग ₹2.5 लाख करोड़ करने का लक्ष्य रखा है। इसका मतलब है कि 2031 तक मुनाफा बढ़ाने के साथ-साथ GOV में 30% से ज्यादा की CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) हासिल की जाएगी।
जून तिमाही में घाटा 34 प्रतिशत घटा
स्विगी का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध घाटा सालाना आधार पर 34 प्रतिशत घटकर 791 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले घाटा 1,197 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 6,812 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू 4,961 करोड़ रुपये था। खर्च बढ़कर 7,813 करोड़ रुपये के हो गए, जो जून 2025 तिमाही में 6,244 करोड़ रुपये के थे। फूड डिलीवरी बिजनेस की ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू पिछले साल के मुकाबले 17.4 प्रतिशत बढ़ी। इंस्टामार्ट की नेट ऑर्डर वैल्यू साल-दर-साल 38.9 प्रतिशत बढ़ी।
स्विगी का मार्केट कैप 80800 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक महीने में 17 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में 26 प्रतिशत गिरा है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 94.92 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
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