Symbiotec IPO Listing: फार्मा सेक्टर से जुड़े इनग्रेडिएंट्स और प्रोडक्ट्स बनाने वाली सिंबॉयोटक फार्मालैब के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फ्लैट एंट्री हुई। हालांकि इसके आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 75 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹988 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹978.20 और NSE पर ₹988.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि बीएसई पर तो करीब 1% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे गए। टूटकर BSE पर यह ₹970.20 (Symbiotec Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 1.80% घाटे में हैं। हालांकि एंप्लॉयीज फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹90 के डिस्काउंट पर मिला है।
Symbiotec IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
सिंबॉयोटक का ₹1757 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 24-27 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 75.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 181.20 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 77.56 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 13.69 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 16.32 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 1,62,65,181 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹112.50 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹29.53 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹105.02 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
सिंबॉयोटिक APIs (एक्टिव फार्मा इनग्रेडिएंट्स), न्यूट्रिशनल इनग्रेडिएंट्स और स्पेशल्टी प्रोडक्ट्स बनाती है। इसका कारोबार दुनिया भर में फैला हुआ है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹100.06 करोड़ का शुद्ध मुनाफा मिला था जोकि अगले वित्त वर्ष 2025 में घटकर ₹96.79 करोड़ रह गया और फिर अगले वित्त वर्ष 2026 में यह रिकवर होकर ₹109.90 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम लगातार बढ़ी और सालाना करीब 10% की रफ्तार यानी सीएजीआर से बढ़कर ₹872.26 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹387.91 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,145.95 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।