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अगले एक साल में 500 से ज्यादा प्रोजेक्ट का लक्ष्य, मंत्रालय स्तर पर ही मंजूर किए जा सकेंगे बड़े प्रोजेक्ट -सूत्र

सूत्रों के हवाले से सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने कहा कि अगले 12 महीने में सरकार 500 प्रोजेक्ट शुरू करने वाली है। सरकार का इनमें से 200 से ज्यादा प्रोजेक्ट का उद्घाटन का लक्ष्य है। जबकि 300 से ज्यादा प्रोजेक्ट के शिलान्यास का टारगेट रखा गया है। सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट्स रेलवे और हाईवे सेक्टर में हैं

Lakshman Royअपडेटेड Jun 21, 2023 पर 5:01 PM
अगले एक साल में 500 से ज्यादा प्रोजेक्ट का लक्ष्य, मंत्रालय स्तर पर ही मंजूर किए जा सकेंगे बड़े प्रोजेक्ट -सूत्र
इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए सरकार 4 खास कदम उठायेगी जिससे तमाम प्रोजेक्ट को पूरा करने में आने वाली दिक्कतों को दूर किया जायेगा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सरकार अगले एक साल में देश में बड़े प्रोजेक्ट लॉन्च करने का मन बना रही है। इसको पूरा करने के लिए सरकार ने विशेष रणनीति बनाने का निश्चय किया है। बड़े बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सरकार चार खास कदम उठाएगी। इन चार कदमों के तहत अगले एक साल में सरकार का 500 नये प्रोजेक्ट का लक्ष्य है। सीएनबीसी आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इन कदमों के सहारे अगले एक साल में 200 से ज्यादा प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया जायेगा। 300 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास करने का लक्ष्य सरकार की ओर से रखा गया है।

सीएनबीसी-आवाज़ के लक्ष्मण रॉय ने कहा कि हमें सूत्रों से खबर मिली है कि अगले 12 महीने में सरकार 500 प्रोजेक्ट शुरू करने वाली है। यानी कि अगले एक साल में 500 से ज्यादा प्रोजेक्ट का सरकार का लक्ष्य है। सरकार का इनमें से 200 से ज्यादा प्रोजेक्ट का उद्घाटन का टारगेट है। जबकि 300 से ज्यादा प्रोजेक्ट के शिलान्यास का लक्ष्य रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक प्रोजेक्ट की संख्या लिहास से सबसे अधिक प्रोजेक्ट्स रेलवे और हाईवे सेक्टर में हैं। इसको पूरा करने के लिए कैबिनेट सचिव की अगुवाई में नियमित तौर पर बैठक होगी।

कदम-1

लक्ष्मण ने कहा कि सूत्र बता रहे हैं कि अब मंत्रालय स्तर पर ही बड़े प्रोजेक्ट मंजूर किए जा सकेंगे। अभी सचिव स्तर पर 100 करोड़ रु तक के प्रोजेक्ट की मंजूरी मिलती है। अभी मंत्री स्तर पर 500 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट की मंजूरी मिलती है। सूत्रों के मुताबिक सरकार द्वारा मंजूरी की सीमा 2 से 3 गुना तक बढ़ाई जा सकती है। वित्त मंत्रालय के 2016 के सर्कुलर में किया बदलाव जाएगा।

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