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Tariff War: भारत ने अमेरिकी बॉर्बन व्हिस्की पर टैरिफ 150% से घटाकर किया 100%

Tariff War: ट्रंप की तीखी आलोचना के बीच भारत ने बॉर्बन व्हिस्की पर टैरिफ कम कर दिया है। देश में "अनुचित" व्यापार शुल्क को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना के बाद इस कदम से सनटोरी के जिम बीम जैसे ब्रांडों को फायदा होगा। इस हफ्ते की शुरुआत में व्हाइट हाउस में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले ट्रंप भारत में अमेरिकी व्यवसायों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में मुखर रहे हैं

Edited By: Sunil Guptaअपडेटेड Feb 15, 2025 पर 9:02 AM
Tariff War: भारत ने अमेरिकी बॉर्बन व्हिस्की पर टैरिफ 150% से घटाकर किया 100%
सरकार की नई अधिसूचना के तहत बॉर्बन व्हिस्की पर 50% का मूल सीमा शुल्क के साथ ही अतिरिक्त 50% लेवी लगाई जाएगी। जिससे कुल टैरिफ 100% हो जाएगा। इससे पहले, इस पर 150% टैरिफ लगाया जाता था

Tariff War: बॉर्बन व्हिस्की (bourbon whiskies) के शौकीनों के लिए कुछ अच्छी खबर है। ट्रंप (Trump) की तीखी आलोचना के बीच भारत ने बॉर्बन व्हिस्की पर टैरिफ कम कर दिया है। देश में "अनुचित" व्यापार शुल्क को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) की आलोचना के बाद इस कदम से सनटोरी के जिम बीम (Suntory’s Jim Beam) जैसे ब्रांडों को फायदा होगा। इस हफ्ते की शुरुआत में व्हाइट हाउस में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात करने वाले ट्रंप भारत में अमेरिकी व्यवसायों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में मुखर रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क लगाने वाले देशों पर पारस्परिक शुल्क लगाने का प्रस्ताव पेश किया है।

भारत सरकार ने 13 फरवरी को टैरिफ समायोजन अधिसूचना (tariff adjustment notification) जारी की, जिसने शुक्रवार को व्यापक ध्यान आकर्षित किया। नये स्ट्रक्चर के तहत सरकार बॉर्बन पर 50% का मूल सीमा शुल्क लगाएगी, साथ ही अतिरिक्त 50% लेवी लगाएगी, जिससे कुल टैरिफ 100% हो जाएगा। इस परिवर्तन से पहले, इसके आयात पर 150% टैरिफ लगाया जाता था।

हालांकि, संशोधित टैरिफ विशेष रूप से बॉर्बन व्हिस्की पर लागू होता है, जो अमेरिका में बनाई और संजोई (पुरानी की) जाती है। लेकिन अन्य अल्कोहलिक प्रोडक्ट्स पर 150% की पिछली दर से कर लगाया जाता रहेगा।

डियाजियो (Diageo) और पेरनोड रिकार्ड (Pernod Ricard) जैसे अंतरराष्ट्रीय शराब कंपनियों की भारत के 35 अरब डॉलर के स्पिरिट बाजार में मजबूत उपस्थिति है। उद्योग जगत के कई लीडर्स ने विदेशी शराब पर देश की उच्च कर दरों के बारे में अक्सर चिंता व्यक्त की है।

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