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टाटा समूह का यह शेयर बना रॉकेट, 20% चढ़ने के बाद लगा अपर सर्किट

टाटा केमिकल्स टाटा समूह की कंपनी है। टाटा संस टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है। Tata Sons का दर्जा अभी अपर-लेयर एनबीएफसी का है। अपर-लेयर एनबीएफसी पर जो नियम लागू होते हैं, उसके मुताबिक टाटा संस को खुद को शेयर बाजारों में लिस्ट कराना जरूरी है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Sep 15, 2026 पर 11:43 AM
टाटा समूह का यह शेयर बना रॉकेट, 20% चढ़ने के बाद लगा अपर सर्किट
15 सितंबर को टाटा संस की दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दिखी।

टाटा समूह की कंपनी टाटा केमिकल्स का शेयर 15 सितंबर को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गया। 20 फीसदी उछाल के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। इसकी वजह यह है कि आरबीआई ने एनबीएफसी के अपने लाइसेंस को सरेंडर करने का टाटा संस का अप्लिकेशन खारिज कर दिया है। इसका मतलब यह है कि टाटा संस को अब खुद को शेयर बाजारों में लिस्ट कराना होगा। टाटा संस टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है।

टाटा संस खुद को शेयर बाजारों में लिस्ट नहीं कराना चाहती

Tata Sons का दर्जा अभी अपर-लेयर एनबीएफसी का है। अपर-लेयर एनबीएफसी पर जो नियम लागू होते हैं, उसके मुताबिक टाटा संस को खुद को शेयर बाजारों में लिस्ट कराना जरूरी है। टाटा संस खुद को शेयर बाजारों पर लिस्ट नहीं कराना चाहती है। इसके लिए उसने एनबीएफसी का अपना लाइसेंस सरेंडर करने के लिए आरबीआई को अप्लिकेशन भेजा था। बीते आरबीआई ने टाटा संस के अप्लिकेशन को खारिज कर दिया।

टाटा संस अपर-लेयर एनबीएफसी की कैटेगरी में आती है

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