Tata Motors की कमर्शियल या पैसेंजर वेईकल यूनिट, किसमें निवेश पर मिलेगा तगड़ा रिटर्न?

Tata Group Stocks: टाटा ग्रुप की मोटर यूनिट दो अलग-अलग हिस्सों में लिस्ट है- पैसेंजर वेईकल बिजनेस अलग से और कमर्शियल वेईकल बिजनेस अलग से। अब इसमें किसके शेयरों में पैसे लगाकर अच्छा रिटर्न हासिल किया जा सकता है, इसे लेकर ब्रोकरेज फर्म बोफा सिक्योरिटीज ने एक को चुना है तो दूसरे में गिरावट की आशंका जताई है

अपडेटेड Jun 17, 2026 पर 4:13 PM
Tata Group Stocks: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बोफा सिक्योरिटीज का टाटा ग्रुप की मोटर यूनिट टाटा मोटर्स के पैसेंजर वेईकल Tata Motors PV और कमर्शियल वेईकल सेगमेंट (Tata Motors CV पर अलग-अलग रुझान है।

Tata Group Stocks: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बोफा सिक्योरिटीज का टाटा ग्रुप की मोटर यूनिट टाटा मोटर्स के पैसेंजर वेईकल Tata Motors PV और कमर्शियल वेईकल सेगमेंट (Tata Motors CV पर अलग-अलग रुझान है। एक तरफ टाटा मोटर्स सीवी को ब्रोकरेज फर्म ने खरीदारी की रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹470 फिक्स किया है तो दूसरी तरफ टाटा मोटर्स पीवी को अंडरपरफॉर्म रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹335 फिक्स किया है। अभी की बात करें तो आज बीएसई पर टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल 8.27% की गिरावट के साथ ₹361.05 (Tata Motors PV Share Price) और कमर्शियल वेईकल बिजनेस टाटा मोटर्स 1.07% की गिरावट के साथ ₹402.00 (Tata Motors Share Price) पर बंद हुआ है। टाटा मोटर्स सीवी को कवर करने वाले 26 एनालिस्ट्स में से 23 ने इसे खरीदारी और तीन ने होल्ड रेटिंग दी है।

Tata Motors के कमर्शियल बिजनेस पर बुलिश रुझान की वजह?

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि टाटा मोटर्स कमर्शियल वेईकल का नए लॉन्च और प्लेटफॉर्म रिफ्रेश के कारण भारी ट्रकों और छोटे कमर्शियल गाड़ियों में हिस्सेदारी बढ़ रही है। कंपनी केवल बिक्री बढ़ाने पर नहीं, बल्कि मार्जिन सुधारने पर भी ध्यान दे रही है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि प्राइसिंग डिसिप्लिन, मिक्स, कॉस्ट कंट्रोल और ट्रक रेवेन्यू पर भी इसका फोकस बना हुआ है। इसके अलावा ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इवेको के अधिग्रहण से कंपनी के अतिरिक्त फायदा मिल सकता है, अगर यूरोप में हल्के कमर्शियल गाड़ियों की मांग सुधरे, सोर्सिंग और कैपेक्स एनर्जी मिले और बैलेंस शीट पर कर्ज कम है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक मौजूदा वैल्यूएशन पर रिस्क-रिवार्ड रेश्यो कमर्शियल बिजनेश के लिए आकर्षक है। कंपनी के बिजनेस की मौजूदा स्थिति की बात करें तो मई महीने में इसकी सेल्स सालाना आधार पर 17% बढ़कर 32,850 यूनिट्स पर पहुंच गई।


Tata Motors PV पर बेयरेश रुझान की वजह

ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक टाटा मोटर्स पीवी को लेकर निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता इसकी लक्जरी वेईकल यूनिट जेएलआर (जगुआर लैंड रोवर) के मार्जिन को लेकर है। जेएलआर को चीन में कमजोर मांग, टैरिफ का दबाव, वारंटी लागत और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी की मार्जिन रिकवरी काफी हद तक तक सेल्फ-हेल्प प्रोग्राम पर टिकी हुई है, जिसके तहत करीब £170 करोड़ की लागत बचत का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इस कटौती का वास्तव में क्या असर होगा, इसे देखना बाकी है। इसके अलावा जगुआर लैंड रोवर की नई लॉन्चिंग, इसकी ईवी (इलेक्ट्रिक वेईकल) स्ट्रैटेजी, और लागत में कटौती प्रोग्राम पर भी नजर रहेगी।

$5 ट्रिलियन का फिर हुआ भारतीय मार्केट, लेकिन ब्लूचिप्स की बजाय BSE को यहां से मिला अधिक सपोर्ट

SpaceX ने Elon Musk को बनाया ट्रिलेनियर, लेकिन अब लटकी यह तलवार

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।