Crude Oil Impact: ऑटो और मेटल शेयरों में भारी गिरावट; टाटा मोटर्स, M&M और JSW स्टील 4.5% तक टूटे

Crude oil surge impact: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर शेयर बाजार के कई सेक्टरों पर देखने को मिल रहा है। ऑटो और मेटल सेक्टर भी इससे अछूते नहीं है। सोमवार 9 मार्च को इन दोनों सेक्टर्स के कई शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली और इनके शेयर 4 से 6 प्रतिशत तक गिर गए।

अपडेटेड Mar 09, 2026 पर 4:43 PM
Story continues below Advertisement
Crude oil impacts: निफ्टी ऑटो इंडेक्स पिछले दो दिनों में लगभग 5.5 प्रतिशत तक गिर चुका है

Crude oil surge impact: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर शेयर बाजार के कई सेक्टरों पर देखने को मिल रहा है। ऑटो और मेटल सेक्टर भी इससे अछूते नहीं है। सोमवार 9 मार्च को इन दोनों सेक्टर्स के कई शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली और इनके शेयर 4 से 6 प्रतिशत तक गिर गए।

मेटल शेयरों में भारी दबाव

निफ्टी मेटल इंडेक्स में लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान यह इंडेक्स लगभग 4 प्रतिशत तक टूट गया। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAIL) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही और यह करीब 6 प्रतिशत तक गिर गया।

इसके अलावा जिंदल स्टेनलेस के शेयर लगभग 4.39 प्रतिशत और टाटा स्टील करीब 3.94 प्रतिशत तक फिसल गए। निफ्टी मेटल इंडेक्स के सभी 15 शेयर गिरावट में कारोबार करते नजर आए।


एनालिस्ट्स का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से मेटल कंपनियों की लागत बढ़ जाती है। मेटल के उत्पादन में काफी एनर्जी लगती और इसमें माइनिंग, स्मेल्टिंग और रिफाइनिंग के दौरान बड़ी मात्रा में एनर्जी की जरूरत होती है। ईंधन महंगा होने से इन कंपनियों के उत्पादन और ट्रांसपोर्टेशन खर्च में बढ़ोतरी होती है।

अगर कंपनियां इन बढ़ी हुई लागतों को ग्राहकों तक नहीं पहुंचा पातीं तो उनके मार्जिन और मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।

ऑटो सेक्टर में भी बिकवाली

ऑटो सेक्टर के शेयर भी दबाव में रहे। निफ्टी ऑटो इंडेक्स के सभी 15 शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे थे और पिछले दो दिनों में यह इंडेक्स लगभग 5.5 प्रतिशत तक गिर चुका है।

ऑटो सेक्टर में यूनो मिंडा (Uno Minda) और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) के शेयरों में करीब 6 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और टाटा मोटर्स (TMCV) के शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया।

तेल की कीमतों से क्यों प्रभावित होते हैं ऑटो शेयर?

एनालिस्ट्स का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का ऑटो सेक्टर पर दोहरा असर पड़ता है। एक ओर ईंधन महंगा होने से वाहन चलाने की लागत बढ़ती है, जिससे उपभोक्ताओं की मांग प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है।

महंगाई बढ़ने की स्थिति में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिए ब्याज दरों में कटौती करना मुश्किल हो सकता है। अगर ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं तो वाहन खरीदने के लिए लिए जाने वाले लोन महंगे हो जाते हैं, जिससे ऑटो बिक्री पर असर पड़ सकता है।

ग्लोबल मांग पर भी असर की आशंका

एनालिस्ट्स का यह भी मानना है कि अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है। इससे इंडस्ट्रियल धातुओं की मांग भी कमजोर हो सकती है, जो मेटल कंपनियों के लिए नेगेटिव संकेत है।

कुल मिलाकर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है और एनर्जी लागत से जुड़े सेक्टरों के शेयरों पर फिलहाल दबाव बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक इन सेक्टरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

यह भी पढ़ें- शेयर बाजार में भगदड़, सेंसेक्स-निफ्टी अपने हाई से 10% टूटे, क्या अब रोक देनी चाहिए SIP?

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।