टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Tech) के IPO को सेबी की मंजूरी मिलने के बाद टाटा मोटर्स (Tata Motors) के शेयर फोकस में हैं। टाटा टेक्नोलॉजीज, टाटा मोटर्स की सब्सिडियरी है। टाटा टेक्नोलॉजीज में टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी 74.69 पर्सेंट (तकरीबन 30 लाख शेयर है। टाटा टेक्नोलॉजीज ऑटो, एरोस्पेस और सॉफ्टवेयर सेक्टर में इंजीनियरिंग, रिसर्च और डिवेलपमेंट का काम करती है।
टाटा मोटर्स की योजना टाटा टेक्नोलॉजीज में अपनी 26.77 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचने की है। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल अपना कर्ज कम करने में करेगी। इस IPO के लिए प्राइस बैंड अभी तय नहीं हुआ है। ICICI Securities ने 8 जून को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि टाटा मोटर्स नॉन-कोर एसेट बेचकर और मजबूत कैश फ्लो जनरेट कर टाटा मोटर्स को कर्ज मुक्त कंपनी बनाना चाहती है। ब्रोकरेज फर्म ने टाटा मोटर्स को 'बाय' रेटिंग दी है और इसके लिए 700 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
Tata Tech ने अपने प्रॉस्पेक्ट्स में साफ किया है कि कंपनी को खुद शेयरों की बिक्री से कोई रकम नहीं मिलेगी। शेयरों की बिक्री करने वाले शेयरधार टैक्स और अन्य खर्च के बाद बची रकम के हकदार होंगे। टाटा टेक्नोलॉजीज के प्रमुख क्लांइट्स में टाटा मोटर्स और जगुआर लैंड रोवर ( JLR) शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, 2022 में टाटा टेक्नोलॉजीज के कुल रेवेन्यू में कंपनी की कुल हिस्सेदारी 40.34 पर्सेंट थी।
फाइनेंशियल ईयर 2022 में टाटा टेक्नोलॉजीज का रेवेन्यू (ऑपरेशन) 47 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 3,578.38 करोड़ रुपये रहा। संबंधित अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 82 पर्सेंट की बढ़ोतरी के साथ 436 करोड़ रुपये रहा। यह IPO पिछले 20 साल में टाटा ग्रुप का पहला पब्लिक इश्यू है।