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Tata Mutual Fund के सीआईओ राहुल सिंह ने मार्केट के रिस्क के बारे में बताया, कहा-ज्यादातर इनवेस्टर्स करते हैं ये गलतियां

राहुल सिंह बताते हैं कि आम तौर पर होता यह है कि स्मॉल इनवेस्टर्स अच्छी सोच के साथ निवेश करना शुरू करते हैं। वे स्टॉक को 3-5 साल तक रखने और 12-15 फीसदी CAGR से रिटर्न कमाना चाहते हैं। लेकिन, जल्द उनकी सोच शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग की हो जाती है। कई इनवेस्टर्स तो डे-ट्रेडिंग और फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&I) में पैसे लगाना शुरू कर देते हैं। यहीं से दिक्कत शुरू हो जाती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 24, 2023 पर 1:14 PM
Tata Mutual Fund के सीआईओ राहुल सिंह ने मार्केट के रिस्क के बारे में बताया, कहा-ज्यादातर इनवेस्टर्स करते हैं ये गलतियां
SEBI के डेटा के मुताबिक, FY22 में एफएंडओ में निवेश करने वाले हर 10 में से 9 निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। उनका औसत लॉस 1.1 लाख रुपये था। अगर एक्टिव ट्रेडर्स की बात की जाए जिन्होंने साल में F&O में पांच बार से ज्यादा निवेश किए हैं तो सिर्फ 6 फीसदी ने FY22 में प्रॉफिट कमाए हैं। औसत प्रॉफिट सिर्फ 3,400 रुपये रहा है।

अक्सर एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हमें अपने पैसे कहां इनवेस्ट करने चाहिए। पैसे सही जगह सही वक्त पर लगाने से अच्छा रिटर्न कमाने में मदद मिलती है। लेकिन, खुद एक्सपर्ट्स कहां इनवेस्ट करते हैं यह जानना दिलचस्प है। मनीकंट्रोल ने Tata Mutual Fund के चीफ इनवेस्टमेंट अफसर (इक्विटीज) राहुल सिंह से यह जानने की कोशिश की कि वह अपने पैसे को कहां-कहां निवेश करते हैं। हमारा मकसद रीडर्स को यह बताना है कि दूसरों को सलाह देने वाले एक्सपर्ट्स खुद निवेश के मामले में किस तरह की रणनीति अपनाते हैं। उन्होंने निवेश की अपनी 40: 40: 20 स्ट्रेटेजी के बारे में बताया। इस रणनीति के तहत सिंह ने 40 फीसदी पैसा बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स (BAF) में लगाया है। उन्होंने 40 फीसदी का निवेश डायवर्सिफायड इक्विटी में किया है। बाकी 20 फीसदी का निवेश एग्रेसिव प्रोडक्ट्स में किया है।

40: 40: 20 स्ट्रेटेजी का क्या है मतलब?

डायवर्सिफायड इक्विटी फंड्स में मल्टीकैप, लार्जकैप और मिडकैप फंड्स शामिल हैं। एग्रेसिव प्रोडक्ट्स का मतलब स्मॉलकैप फंड्स से है। इस स्ट्रेटेजी की खासियत यह है कि पोर्टफोलियो का 40 फीसदी हिस्सा रिस्क मैनेज करता है। बाकी 40 फीसदी से लगातार रिटर्न मिलता रहता है। बाकी 20 फीसदी कुल पोर्टफोलियो के रिटर्न को बढ़ाने में मददगार होता है। रिटेल निवेशकों को निवेश की इस रणनीति को समझने की जरूरत है। उन्हें यह ध्यान में रखना होगा कि जब ज्यादातर रिटेल इनवेस्टर्स ज्यादा रिटर्न कमाने के लिए शेयरों को जल्द खरीदने और बेचने में लगे हैं तब राहुल सिंह जैसे मार्केट एक्सपर्ट म्यूचुअल फंड्स के जरिए शेयरों में निवेश करना पसंद करते हैं।

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