टाटा ग्रुप (Tata Group) ने अपनी 7 मेटल कंपनियों का टाटा स्टील (Tata Steel) में विलय करने का ऐलान किया है। अधिकतर ब्रोकरेज की माने तों, इस विलय का लंबी अवधि में टाटा स्टील के वित्तीय प्रदर्शन पर कोई असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। हालांकि ब्रोकरेज ने फिलहाल टाटा स्टील के शेयरों के लिए कोई टारगेट प्राइस रखने या उसकी रेटिंग में बदलाव करने से परहेज किया है। उन्होंने कहा कि विलय की समयसीमा अभी तय नहीं है और साथ ही इसके वित्तीय फायदों को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। ऐसे में इनका इंतजार अभी अच्छा विकल्प होगा।
टाटा स्टील ने पिछले हफ्ते एक बयान में कहा था कि वह जिन 7 सात कंपनियों का टाटा स्टील में विलय करने वाली है, उनमें से 4 कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। इनमें Tata Steel Long Products, The Tinplate Company of India, Tata Metaliks और TRF Limited शामिल है। इसके अलावा Indian Steel & Wire Products, Tata Steel Mining और S&T Mining Company का भी विलय होगा, जो शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं हैं।
आइए जानते हैं कि इस खबर के बाद ब्रोकरेज ने टाटा स्टील के शेयरों को लेकर क्या प्रतिक्रिया दी है-
विदेशी ब्रोकरेज हाउस ने टाटा स्टील पर 140 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ ओवरवेट रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज को कंपनी की वित्तीय स्थिति पर विलय योजना ता बहुत मामूली असर पड़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मार्केट एक्सपर्ट और निवेशक पहले भी कंपनी की वित्तीय स्थिति को कंसॉलिडेटेड आधार पर देखते हैं और सभी सहायक कंपनियां इसके कंसॉलिडेटेड खातों का हिस्सा हैं।
मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal)
मोतीलाल ओसवाल ने टाटा स्टील के शेयरों के लिए 106 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है। इसे भी ऑयरल ओर रॉयल्टी जैसे कुछ रेगुलेटरी लागत में कटौती के अलावा कंपनी के मुनाफे में किसी खास बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है। इसके अलावा कंपनी को ऑडिट और फाइलिंग्स जैसे कुछ रेगुलेटरी लागत पर भी इस विलय से बचत होगी।
इडलवाइज सिक्योरिटीज (Edelweiss Securities)
प्रस्तावित विलय को एक विवेकपूर्ण कदम बताते हुए इडलवाइज ने टाटा स्टील के शेयरों के लिए होल्ड रेटिंग के साथ 198.5 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस को बनाए रखा है। ब्रोकरेज को रॉयल्टी भुगतान में कमी, आयरन ओर लागत में कमी और संभावित कारोबारी तालमेल को मध्यम से लंबी अवधि में कंपनी के लिए मुख्य लाभ के रूप में देख रहा है। ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि यह विलय ग्रुप की अपने लंबे पोर्टफोलियो को बढ़ाने की योजना को एक मजबूत दिशा प्रदान करेगा।
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