TCS Dividend: मुनाफा गिरा, फिर भी तगड़ा डिविडेंड देगी टाटा ग्रुप की कंपनी; चेक करें रिकॉर्ड डेट

TCS Dividend: दिसंबर तिमाही में मुनाफा 14 फीसदी गिरने के बावजूद टाटा ग्रुप की TCS ने तगड़ा डिविडेंड घोषित किया है। इसमें 46 रुपये का स्पेशल डिविडेंड भी शामिल है। चेक करें रिकॉर्ड डेट समेत पूरी डिटेल।

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 5:48 PM
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TCS के बोर्ड ने ₹57 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।

TCS Dividend: दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) में मुनाफे में तेज गिरावट दर्ज की है। इसकी बड़ी वजह रिस्ट्रक्चरिंग, नए लेबर कानूनों का असर और अमेरिका में चल रहे पुराने कानूनी विवाद से जुड़े भारी एक्सेप्शनल खर्च रहे। हालांकि, कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन स्थिर रहा और बोर्ड ने बड़ा डिविडेंड भी घोषित किया।

Q3 में 14 फीसदी गिरा नेट प्रॉफिट

अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में TCS का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14 फीसदी घटकर ₹10,657 करोड़ रह गया। यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों से काफी कम रहा। CNBC-TV18 के पोल में नेट प्रॉफिट ₹12,771 करोड़ रहने का अनुमान था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 5 फीसदी बढ़कर ₹67,087 करोड़ रहा, जो उम्मीदों के आसपास रहा।


एक्सेप्शनल खर्च हटाने पर तस्वीर अलग

अगर एक्सेप्शनल आइटम्स को हटाकर देखा जाए, तो TCS का नेट प्रॉफिट ₹13,438 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 8.5 फीसदी की बढ़त दिखाता है। इससे साफ होता है कि मुनाफे में गिरावट ऑपरेशनल कमजोरी के कारण नहीं, बल्कि एकमुश्त खर्चों की वजह से हुई है।

तीन वजहों से आए बड़े एक्सेप्शनल चार्ज

इस तिमाही में TCS ने तीन प्रमुख कारणों से एक्सेप्शनल खर्च दर्ज किए। पहला, जुलाई 2025 में घोषित वर्कफोर्स रैशनलाइजेशन के बाद री-स्ट्रक्चरिंग लागत आई। इसमें उन कर्मचारियों को दिए गए टर्मिनेशन बेनिफिट्स शामिल हैं, जिनकी तैनाती अब मुमकिन नहीं थी। रकम बड़ी और एकमुश्त होने की वजह से इसे एक्सेप्शनल आइटम माना गया।

दूसरा, भारत में लागू हुए नए लेबर कोड्स का वैधानिक असर सामने आया। कंपनी ने ₹2,128 करोड़ का अतिरिक्त चार्ज दर्ज किया। इसमें ₹1,816 करोड़ ग्रेच्युटी और ₹312 करोड़ लॉन्ग-टर्म कम्पेन्सेटेड एब्सेन्सेस से जुड़े हैं। यह असर मुख्य रूप से वेतन की परिभाषा में बदलाव की वजह से पड़ा।

तीसरा, अमेरिका में Computer Sciences Corporation की ओर से दायर पुराने मामले से जुड़ी कानूनी देनदारी है। अमेरिकी अपीलीय अदालत के फैसले के बाद TCS ने ₹1,010 करोड़ का प्रावधान किया। इसके अलावा प्री और पोस्ट-जजमेंट ब्याज के लिए ₹342 करोड़ और जोड़े गए। कंपनी का कहना है कि वह कानूनी विकल्प अपनाती रहेगी। उसे अपने पक्ष में मजबूत केस होने का भरोसा है।

AI सर्विसेज से बढ़ रही कमाई

TCS ने बताया कि AI सर्विसेज से सालाना आधार पर उसकी कमाई $1.8 बिलियन तक पहुंच चुकी है। कंपनी के मुताबिक, क्लाउड, डेटा, साइबर सिक्योरिटी और एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में AI आधारित प्रोजेक्ट्स की मांग लगातार बनी हुई है।

कंपनी के CEO और MD K Krithivasan ने कहा कि Q2 FY26 में दिखी ग्रोथ की रफ्तार Q3 FY26 में भी जारी रही। उन्होंने दोहराया कि कंपनी पांच-स्तरीय रणनीति के साथ दुनिया की सबसे बड़ी AI-लीड टेक सर्विसेज कंपनी बनने के लक्ष्य पर कायम है।

₹57 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

TCS के बोर्ड ने ₹57 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। इसमें ₹46 प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 17 जनवरी 2026 तय की गई है। डिविडेंड का भुगतान 3 फरवरी 2026 को किया जाएगा।

नतीजों से पहले NSE पर TCS का शेयर 1.1 फीसदी की बढ़त के साथ ₹3,243 पर बंद हुआ। पिछले एक साल में यह शेयर 24 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹11.75 लाख करोड़ है।

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