ईरान का शेयर बाजार 19 मई को दोबारा खुला। तेहरान स्टॉक एक्सचेंज बीते 80 दिनों से बंद था। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान की लड़ाई शुरू होने की वजह से शेयर बाजार बंद था। 19 मई को तेहरान स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य सूचकांक तेजी के साथ बंद हुआ। लेकिन, करीब 75 फीसदी कंपनियों के शेयर गिरकर बंद हुए।
टेडपिक्स पहले दिन चढ़कर हुआ बंद
तेहरान स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य सूचकांक TEDPIX 2,500 यूनिट्स चढ़कर 3,716,000 अंक पर बंद हुआ। ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने यह खबर दी है। Roya News ने अरब न्यूज के हवाले से बताया है कि 19 मई को तेहरान स्टॉक एक्सचेंज में सिर्फ 28 फीसदी कंपनियों के शेयर ही चढ़कर बंद हुए।
40 से ज्यादा कंपनियों के टिकर्स बंद रहे
Roya News ने बताया कि 40 से ज्यादा कंपनियों के टिकर्स पूरी तरह से बंद रहे। इसकी वजह अमेरिका-ईरान की बीच की लड़ाई के दौरान इन कंपनियों को हुआ बड़ा नुकसान है। कई कंपनियों के अमेरिकी हमलों में भारी नुकसान पहुंचा तो कई को सप्लाई में बाधा की वजह से लॉस झेलना पड़ा। इसका असर इन कंपनियों के रेवेन्यू पर पड़ा। इस वजह से ये कंपनियां दोबारा ट्रेडिंग शुरू होने से पहले एक्सचेंज को जरूरी डिसक्लोजर्स सब्मिट नहीं कर पाईं।
हमले शुरू होने के बाद बंद हो गया था एक्सचेंज
तेहरान स्टॉक एक्सचेंज 28 फरवरी, 2026 को तब बंद हो गया था, जब अमेरिका और इजरायल ने मिसाइलों से ईरान पर हमले शुरू किए। ईरान के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज ऑर्गेनाइजेशन (SEO) के डिप्टी हेड हामिद यारी ने कहा कि निवेशकों के हितों को नुकसान के बचाने, निवेशकों को डर कर फैसले लेने से रोकने और ट्रेडिंग ईकोसिस्टम को बचाए रखने के लिए एक्सचेंज को बंद करने का फैसला लिया गया था।
इस साल की शुरुआत में ऑल-टाइम ऊंचाई पर बाजार
ईरान के शेयर बाजार में अमेरिका-इजरायल के हमलों से पहले ही गिरावट शुरू हो गई थी। Al Jazeera के मुताबिक, TEDPIX इस साल की शुरुआत में करीब 45 लाख अंक पर पहुंच गया था, जो इस स्टॉक एक्सचेंज का ऑल-टाइम हाई है। उसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शनों के चलते शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों की मौत हो गई थी। करीब 20 दिनों तक इंटरनेट बंद होने की वजह से हालात और खराब हो गए थे।
कंपनियों पर भी दिख रहा ईरान में तबाही का असर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी देश का शेयर बाजार उसकी इकोनॉमी का आईना होता है। अमेरिका-इजरायल के हमलों से ईरान में भारी तबाही हुई है। इसका असर ईरानी कंपनियों पर भी पड़ा है। कई कंपनियों का कारोबार ठप है। कुछ कंपनियां मुश्किल से कारोबार कर रही हैं। इसका असर उनके शेयरों पर दिख रहा है।