BSE SME IPO Index: बीएसई और एनएसई ने छोटी और मझोली कंपनियों के शेयरों को अतिरिक्त निगरानी उपायों (ASM) और ट्रेड-टू-ट्रेड सेटलमेंट (TFT) के तहत लाने की बात कही है। उनका कहना है कि इस कदम से ऐसे शेयरों में अस्थिरता को रोकने में मदद मिलेगी। इस बयान के बाद मंगलवार को बीएसई एसएमई आईपीओ (BSE SME IPO) इंडेक्स में मंगलवार को तेज गिरावट आई। इस कदम का उद्देश्य SME सेगमेंट में सट्टा कारोबार पर अंकुश लगाना है। पिछले कुछ समय से रिटेल निवेशकों की इस सेगमेंट में भागीदारी बढ़ रही है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) और एक्सचेंजों की एक संयुक्त बैठक में यह फैसला लिया गया है कि अब SME शेयरों को भी कुछ बदलावों के साथ शॉर्ट-टर्म ASM फ्रेमवर्क और ट्रेड-टू-ट्रेड सेटलमेंट के तहत लाया जाएगा। बीएसई और एनएसई की ओर से जारी सर्कुलर में ये जानकारी दी गई है।
BSE SME IPO इंडेक्स इस बयान के बाद दोपहर 12 बजे के करीब 3 फीसदी गिरकर 34,748 पर कारोबार कर रहा था। हालांकि इस साल की शुरुआत से देखें तो, अब तक यह इंडेक्स करीब 100 फीसदी चढ़ चुका है।
यह इंडेक्स बीएसई के एसएमसई प्लेटफॉर्म के जरिए आईपीओ लाने वाली कंपनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करता है। हालांकि इस एक खास स्ट्रक्चर है। इस इंडेक्स में वे शेयर होते हैं जिनका आईपीओ, एसएमई प्लेटफॉर्म के जरिए आया होता है। हालांकि एक साल पूरा होने के बाद उन स्टॉक्स को इस इंडेक्स बाहर कर दिया जाता है। यह निफ्टी या सेंसेक्स से उलट है, जहां पर स्टॉक सालों तक इंडेक्स का हिस्सा बना रह सकते हैं।
SME शेयरों की लोकप्रियता 2023 में इस हद तक पहुंच गई कि इस साल आए हर SME IPO को औसतन 67 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। उनमें से कुछ को तो 713 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन मिला था। रिटेल निवेशकों ने भी इन आईपीओ में बढ़ चढ़कर भाग लिया। प्राइम डेटाबेस के एक आंकड़े के मुताबिक, कुछ आईपीओ में तो रिटेल निवेशकों ने अपने कोटा से करीब 1,000 गुना अधिक तक सब्सक्राइब किया था।
आंकड़ों से पता चलता है कि 2023 में सूचीबद्ध 107 एसएमई शेयरों ने अब तक औसतन 77 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। कुछ शेयरों ने केवल 4-5 महीनों में चार गुना लाभ दिया है। इनमें से केवल 19 शेयर ऐसे हैं, जो घाटे में चल रहे हैं।