फार्मा कंपनी सिप्ला (Cipla) के शेयरों में 23 नवंबर को 8 प्रतिशत तक की गिरावट आई। कंपनी की मध्य प्रदेश यूनिट को यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (USFDA) की ओर से एक वॉर्निंग लेटर जारी हुआ है। यह लेटर सिप्ला की पीतमपुर यूनिट में रुटीन गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP) इंस्पेक्शन के लिए है। इसके बाद सिप्ला के शेयरों में गिरावट आई है। 23 नवंबर को स्टॉक सुबह बढ़त के साथ बीएसई पर 1272.95 रुपये पर खुला। लेकिन इसकी यह तेजी ज्यादा देर तक बरकरार नहीं रह सकी और शेयर लाल निशान में आ गया। दिन के दौरान यह 9 प्रतिशत तक की गिरावट के साथ 1165.10 रुपये के लो तक गया।
एनएसई पर शेयर 1,270 रुपये पर खुलकर 1,164.55 रुपये के लो तक आया। कारोबार खत्म होने पर शेयर 8 प्रतिशत की गिरावट के साथ बीएसई पर 1168.60 रुपये और एनएसई पर 1,174.40 रुपये पर बंद हुआ। सिप्ला के शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर बीएसई पर 1283 और एनएसई पर 1,283.55 रुपये है। वहीं 52 सप्ताह का निचला स्तर बीएसई और एनएसई दोनों पर 852 रुपये है।
फरवरी 2023 में हुआ इंस्पेक्शन
शेयर बाजारों को दी सूचना में कंपनी ने कहा है कि USFDA का इंस्पेक्शन 6 से लेकर 17 फरवरी 2023 तक हुआ था। वॉर्निंग लेटर में सिप्ला में डेटा इंटीग्रिटी के इश्यूज के साथ प्रोडक्ट कंप्लेंट और माइक्रोबायल कंटैमिनेशन का जिक्र किया गया है। सितंबर 2023 तिमाही में सिप्ला का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 43.3 प्रतिशत बढ़कर 1,131 करोड़ रुपये हो गया। वहीं सितंबर तिमाही में कंपनी को अमेरिका से अब तक का सबसे ज्यादा 22.9 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू भी मिला।
Prabhudas Lilladher के एनालिस्ट्स ने सिप्ला के शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग के साथ 1,350 रुपये प्रति शेयर का टार्गेट प्राइस सेट किया है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि वे FY23-26E में 17 प्रतिशत EPS CAGR की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि इंदौर यूनिट के मामले में कोई और एफडीए एस्केलेशन और अमेरिका में अहम प्रोडक्ट्स की कमी इस रेटिंग के लिए प्रमुख जोखिम होगा।