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अदाणी ग्रुप से मिले झटके से तेजी से उबर रहा बाजार, साल के अंत तक लगा सकता है नया हाई

भारत सरकार का लक्ष्य भारतीय इकोनॉमी में तेज विस्तार करके इसको दुनिया की बड़े इकोनॉमीज के मुकाबले खड़ा करना है। ऐसे में हिंडन बर्ग की रिपोर्ट भारत के कारपोरेट गर्वनेंस में खामियां पहचानने में सकारात्क भूमिका निभा सकती है। लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो यह रिपोर्ट भारत के लिए सकारात्मक साबित होगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 18, 2023 पर 11:00 AM
अदाणी ग्रुप से मिले झटके से तेजी से उबर रहा बाजार, साल के अंत तक लगा सकता है नया हाई
भारत इस समय अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए काफी आकर्षक हो गया है। आगे निवेशकों को इस बात का एहसास होगा कि अदाणी का मामला भारत की लंबी ग्रोथ स्टोरी के लिए एक मामूली झटके से ज्यादा कुछ नहीं है

इस बात के साफ संकेत दिखाई दे रहे हैं कि भारतीय इक्विटी बाजार के निवेशक अदाणी ग्रुप से मिले झटके से तेजी से उबर रहे हैं। घरेलू मनी मैनेजर इस साल के बाजार आउटलुक को लेकर काफी बुलिश हैं। इसके अलावा विदेशी निवेशक भारत के 3.1 लाख करोड़ डॉलर के इक्विटी बाजार की तरफ एक बार फिर से रूख कर रहे हैं। अमेरिका के शार्ट सेलर हिंडनबर्ग की अदाणी ग्रुप पर आई रिपोर्ट के बाद जनवरी के अंतिम और फरवरी के शुरुआती हफ्तों के दौरान भारतीय बाजार काफी मुश्किलों के दौर से गुजरे हैं। लेकिन अब एक बार फिर सेंसेक्स-निफ्टी अपने ऑल टाइम हाई की तरफ जाते नजर आ रहे हैं।

बाजार जानकारों का कहना है कि सेंसेक्स निफ्टी इस साल के अंत तक एक बार फिर वर्तमान लेवल से काफी ऊपर नजर आएंगे। ब्लूमबर्ग में प्रकाशित एक न्यूज सर्वे के मुताबिक, घरेलू इकोनॉमी से आ रही जबरदस्त मांग के चलते आगे कंपनियों के प्रदर्शन में भी मजबूती आएगी।

अदाणी का मुद्दा और भारतीय बाजार दोनों अलग-अलग चीजें

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