कल से 100% मार्जिन के नियम पूरी तरह लागू होने जा रहे हैं। अब कैश और FNO में पूरा मार्जिन देना होगा। ट्रेडर्स की दुनिया इससे किस तरह बदलने वाली है। इस पर चर्चा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने काफी अहम जानकारी दी। आइए इस पर डालतें हैं एक नजर।
कल से 100% मार्जिन के नियम पूरी तरह लागू होने जा रहे हैं। अब कैश और FNO में पूरा मार्जिन देना होगा। ट्रेडर्स की दुनिया इससे किस तरह बदलने वाली है। इस पर चर्चा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने काफी अहम जानकारी दी। आइए इस पर डालतें हैं एक नजर।
1 सितंबर से क्या बदलेगा?
100% अपफ्रंट मार्जिन देना होगा यानी कैश और FNO दोनों पर पूरा मार्जिन देना होगा। यही नहीं, इंट्राडे में भी पूरा मार्जिन देना होगा। किसी भी समय मार्जिन घटा तो पेनल्टी लगेगी। कैश में VAR+ELM मतलब 20% मार्जिन होगा। ब्रोकर 5 गुना से ज्यादा मार्जिन नहीं दे सकेगा। FnO में Span+Exposure मार्जिन लगेगा। अब FnO में इंट्राडे में भी नॉर्मल मार्जिन लगेगा। एक तरह से MIS प्रोडक्ट का मतलब नहीं होगा।
SEBI ने क्यों बढ़ाया मार्जिन?
SEBI रिस्क कम करना चाहती है। कई ब्रोकर इंट्राडे में 50 गुना तक मार्जिन देते थे। इसके अलावा ब्रैकेट/बास्केट ऑर्डर के जरिए भारी मार्जिन देते थे। भारी मार्जिन से ट्रेडर का रिस्क बढ़ता है। ब्रोकर्स के भी डिफॉल्ट का खतरा रहता है।
ट्रेडर्स क्यों हैं नाराज?
इन नियमों के लागू होनें से मार्जिन का फायदा खत्म हो जाएगा। कम पैसे में बड़ी पोजिशन नहीं ले पाएंगे। नए नियमों से वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है। वॉल्यूम घटने से लिक्विडिटी पर असर संभव है। ट्रेडिंग में स्लिपेज बढ़ने का खतरा भी है।
ऑप्शंस ट्रेडर्स पर असर नहीं
SEBI ने पिछले साल नए नियम लागू किए थे। नेकेड ऑप्शन सेलिंग में मार्जिन बढ़ा दिया था। हेज्ड पोजिशन पर मार्जिन में भारी कमी की गई है। हेज्ड पोजिशन पर रिस्क घटने का फायदा मिला है। सेलर OTM ऑप्शन खरीदकर मार्जिन घटा सकते हैं।
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