बाजार में वोलैटिलिटी के कई फैक्टर, लार्ज और मिडकैप निवेश के लिए बेहतर- सुकन्या घोष

बाजार की नजर आने वाले बजट और अगले दो क्वाटर्स के अर्निंग्स सीजन पर बनी हुई है। ट्रंप की पॉलिसी, US बजट पर भी बाजार निर्भर है। US के इन्फ्लेशन रेट का भी असर रहेगा। ऐसे में लार्ज एंड मिड कैप में निवेश बेहतर नजर लग रहा है

अपडेटेड Dec 07, 2024 पर 11:11 AM
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वीकली आधार पर बाजार लगातार तीसरे हफ्ते बढ़त लेकर बंद हुआ। बीते हफ्ते सेंसेक्स और निफ्टी में बीते 6 महीनों में सबसे बड़ी वीकली तेजी दर्ज हुई। ऐसे में बाजार के आगे के आउटलुक और एसबीआई क्वांट फंड (SBI Quant Fund) की स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI MF) की फंड मैनेजर सुकन्या घोष (Sukanya Ghosh) ने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। दूसरी तिमाही की अर्निंग्स कमजोर रही। GDP ग्रोथ के नंबर्स कमजोर रहे। कई सेक्टर के वैल्युएशन काफी महंगे है। यहीं वजह है कि बाजार में वोलैटिलिटी के कई फैक्टर है।

उन्होंने आगे कहा कि बाजार की नजर आने वाले बजट और अगले दो क्वाटर्स के अर्निंग्स सीजन पर बनी हुई है। ट्रंप की पॉलिसी, US बजट पर भी बाजार निर्भर है। US के इन्फ्लेशन रेट का भी असर रहेगा। ऐसे में लार्ज एंड मिड कैप में निवेश बेहतर नजर लग रहा है। आने वाले 2-3 हफ्ते बाजार के लिए काफी अहम है जिसके चलते बाजार में वोलैटिलिटी संभव है।

सुकन्या घोष ने आगे कहा कि ट्रंप की नई पॉलिसीज पर बाजार की नजर रहेगी। लार्ज कैप में निवेश करने की सलाह है क्योंकि इनमें स्टेबिलिटी देखने को मिल रही है। ग्लोबल स्तर पर कई मुद्दों पर स्पष्टता जरूरी है। आने वाले कई इवेंट बाजार की दिशा तय करेगी।


फंड की स्ट्रैटेजी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एसबीआई क्वांट फंड, क्वांट-बेस्ड इन्वेस्टमेंट थीम पर आधारित फंड है। क्वांट मॉडल के आधार स्टॉक्स सेलेक्शन होगा। लंबी अवधि में कैपिटल ग्रोथ का लक्ष्य है। फंड में क्वांटिटेटिव एनालिसिस का इस्तेमाल होगा। मोमेंटम, वैल्यू, क्वालिटी, ग्रोथ पर फोकस करेगा। मल्टी फैक्टर निवेश का तरीका है। उन्होंने आगे कहा कि फंड टॉप-200 कंपनियों का यूनिवर्स है। चार फैक्टर के हिसाब से कंपनियों कि रैंकिंग की गई है। कम से कम 80% इक्विटी, इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया। अधिकतम 20% मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया। अधिकतम 10% REITs, InvITs में निवेश किया। स्थिति के हिसाब से क्वालिटी फैक्टर पर फोकस करते है।

सेक्टर सेलेक्शन की स्ट्रैटेजी? पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि स्थिति के हिसाब से रीबैलेंसिंग करते है। क्वालिटी वाले सेक्टर और कंपनी के आधार पर स्टॉक सेलेक्शन किया जाता है। सुकन्या घोष का कहना है कि IT सेक्टर निवेश के लिए बढ़िया है। हमारा एक्सपोजर बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर में ज्यादा है।

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