TCS के चीफ एग्जीक्यूटिव और एमडी राजेश गोपीनाथन ने मनीकंट्रोल को दिए गए अपने एक इंटरव्यू में कहा है कि सिंगल डिजिट ग्रोथ कंपनी के लिए नया नॉर्मल होगा ये कहना सही नहीं है। राजेश गोपीनाथन ने आगे कहा कि यूरोप और अमेरिका की मैक्रो इकोनॉमिक चुनौतियां अस्थाई हैं। जल्द ही ये चुनौतियां समाप्त होती नजर आएंगी। इसके साथ ही आईटी सेक्टर की मुश्किलें भी खत्म होती दिखेंगी। उन्होंने आगे कहा कि स्थितियों के सामान्य होते ही आईटी इंडस्ट्री एक बार फिर से डबल डिजिट ग्रोथ के दौर में वापस लौटती दिखेगी।
अमेरिका की मैक्रो इकोनॉमिक स्थिति में जल्द दिखेगा सुधार
मार्केट एनालिस्ट्स का भी कहना है कि कोरोना काल में जोरदार ग्रोथ और नई भर्तियों के दौर के बाद आईटी सेक्टर में रिसेट एक सामान्य बात है। इस रिसेट के पूरा होने के बाद आईटी सेक्टर भी एक बार फिर से ग्रोथ की राह पकड़ता दिखेगा। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका की मैक्रो इकोनॉमिक स्थिति जल्द ही सुधरती दिखेगी।
अगले साल के दूसरी तिमाही तक हमें आईटी सेक्टर दिखेगा काफी सुधार
राजेश गोपीनाथन ने आगे कहा कि अगले कुछ महीनों या अगले साल के दूसरी तिमाही तक हमें आईटी सेक्टर की स्थितियों में काफी सुधार देखने को मिलेगा। हम नॉर्मल ग्रोथ रेट की तरफ लौटते दिखेंगे। उन्होंने इस बात का भी विश्वास व्यक्त किया कि आगे आईटी सेक्टर में होने वाले नए खर्च और वर्तमान चालू में कान्ट्रैक्ट दोनों में ही कंपनी की हिस्सेदारी बढ़ती दिखेगी।
टीसीएस की ग्रोथ रेट 13 फीसदी से ज्यादा रहने की संभावना
ग्रोथ की संभावनओं की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में टीसीएस की ग्रोथ रेट 13 फीसदी से ज्यादा रहने की संभावना है। हालांकि कमजोर पड़ती मांग स्थिति को देखते हुए कोटक सिक्योरिटीज के एनालिस्टों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024 में टीसीएस की ग्रोथ रेट 8.1 फीसद के आसपास रह सकती है।