आज सुबह सपाट शुरुआत करने के बाद भारतीय बाजार लाल निशान में फिसल गए। तीसरी तिमाही के नतीजों के मौसम के कमजोर शुरुआत और ग्लोबल मैक्रो चिंताओं ने निवेशकों के सेंटीमेंट को खराब कर दिया है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 632 प्वाइंट गिरकर 60,115 पर बंद हुआ है। निफ्टी 187 प्वाइंट गिरकर 17,914 पर बंद हुआ है। निफ्टी बैंक 568 प्वाइंट गिरकर 42,015 पर बंद हुआ है। वहीं, मिडकैप 157 प्वाइंट गिरकर 31,559 पर बंद हुआ है। आज के कारोबार में निफ्टी ऑटो को छोड़कर लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में नजर आए हैं। Bharti Airtel, SBI, HDFC Bank और TCS सेंसेक्स के टॉप लूजर रहे हैं। आइये उन कारणों पर डालते हैं एक नजर जो आज की गिरावट के लिए जिम्मेदार रहे।
नतीजों के मौसम की कमजोर शुरुआत
9 जनवरी को टीसीएस ने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। जिसके मुताबिक, इस अवधि में कंपनी के कंसोलिडेटेड मुनाफे में सालाना आधार पर 10.98 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। यह 10883 करोड़ रुपये पर रहा है। यह आंकड़ा उम्मीद से कमजोर रहा है। क्योंकि बाजार का अनुमान था कि दिसंबर तिमाही में कंपनी को 11247 करोड़ रुपये का मुनाफा होना चाहिए था। इसके अलावा टीसीएस ने ये भी संकेत दिए हैं कि यूरोप में मंदी के चलते आगे आईटी पर होने वाला खर्च घट सकता है। आज बाजार सेंटीमेंट पर भी नेगेटिव असर पड़ा है।
ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेत
ग्लोबल मार्केट से मिलने वाले संकेत भी आज कमजोर रहे हैं। डाओ फ्यूचर्स आज सुबह 83 अंक यानी 0.25 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आ रहा था। जबकि S&P 500 इंडेकस 40 यानी 0.36 फीसदी की गिरावट दिखा रहा था। वहीं नैस्डैक 100 फ्यूचर्स की चाल सपाट रही। यूरोपियन मार्केट भी मिले-जुले खुले हैं। वहीं FTSE 0.35 फीसदी की गिरावट के साथ खुला था।
FII की बिकवाली बना रही है दबाव
भारतीय बाजारों में FII की बिकवाली जारी है। जिससे मार्केट का सेंटीमेंट खराब हुआ है। 2022 में FII ने भारतीय बाजार में 1.27 लाख करोड़ रुपए की बिकवाली की थी। 2023 में भी यह क्रम जारी है। जनवरी में अब तक FII ने भारतीय इक्विटी बाजार में 4988.33 करोड़ रुपये की बिकवाली की है।
बाजार की नजरें जेरोम पॉवेल की स्पीच और खुदरा महंगाई आंकड़ों पर
Federal Reserve के चेयरमैन जेरोम पॉवेल स्टॉकहोम में होने वाले Sveriges Riksbank International Symposium में मंगलवार को बोलने वाले हैं। महंगाई और ब्याज दरों पर पर उनकी संभावित टिप्पणी पर बाजार की नजरें लगी हुई हैं। इसके साथ ही 12 जनवरी को अमेरिका और भारत दोनों के खुदरा महंगाई आंकड़ो आने वाले है। इन इवेंट्स के पहले बाजार सतर्क नजर आ रहा है।