Market Strategy: ये बाजार लेवल का नहीं, सेंटिमेंट का है, डॉलर-रुपये की स्थिरता से ही टिकेगी बाजार की रैली
Market Strategy: ट्रेडर को सिर्फ स्क्रीन और टिकर का सम्मान करना है। अगर बेचकर पैसा बन रहा है तो बेचकर बनाइए। जहां रैली या रिकवरी फेल हो, वहीं बिकवाली करें। अभी तो इस बाजार में आखिरी वाली बड़ी गिरावट बाकी है। फालतू के लेवल्स के चक्कर में मत फंसिए। जब बाजार तेजी का था, हमने सिर्फ तेजी का नजरिया रखा
बैंक निफ्टी अब सबसे मजबूत सेक्टर से सबसे कमजोर बन चुका है। इस गिरावट में 50,000 भी टूटने का रिस्क है। बस दिक्कत ये है कि बैंक निफ्टी में फ्रेश ट्रेड लेना मुश्किल है।
Market Strategy: US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को अल्टीमेटम देने के बाद जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से ग्लोबल इक्विटी में नुकसान के साथ ही Nifty50 और Sensex भी गिरे। Nifty50 500.40 पॉइंट्स या 2.12 फीसदी गिरकर 22,623.85 पर और Sensex 2.17 परसेंट या 1,618.42 पॉइंट्स गिरकर 72,930.21 पर ट्रेड कर रहा था।
Nifty50 इंडेक्स में, 50 में से 48 स्टॉक्स खुलते ही गिर गए। टाटा स्टील, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और JSW स्टील सबसे ज़्यादा गिरने वाले स्टॉक्स थे। ट्रेंड के उलट, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन और HCLTech के शेयर्स बढ़े। NSE Nifty इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स 15.39 परसेंट बढ़कर 26.32 पर पहुंच गया, जो इन्वेस्टर्स के बीच अचानक अनिश्चितता बढ़ने का संकेत है।
सेक्टर के हिसाब से, निफ्टी मेटल 4 परसेंट से ज़्यादा गिरकर सबसे खराब परफॉर्मर बन गया। निफ्टी PSU बैंक और निफ्टी कंस्ट्रक्शन ड्यूरेबल ने भी खराब परफॉर्म किया।US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद ब्रेंट क्रूड बढ़ गया कि अगर ईरान ने 48 घंटे के अंदर होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला तो वे उसके पावर प्लान को खत्म कर देंगे। जवाब में, ईरान ने भी मिडिल ईस्ट में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने की धमकी दी। ऐसे में बाजार में क्या स्ट्रैटेजी बनानी चाहिए आइए जानते है क्या कहते है बाजार एक्सपर्ट।
बाज़ार में अब कहां नजर रखें?
सीएनबीसी- आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि सबसे बड़ा संकेत आपको करेंसी मार्केट्स से मिलेगा। आज शायद डॉलर-रुपया 94 को पार कर जाएगा। शुक्रवार को भी हमारा निगेटिव नजरिया रहा था। शुक्रवार की रैली में भी यही नजरिया था कि बेचिए। शुक्रवार को भी रैली को IT ने लीड किया था और वो रैली नहीं टिकनी थी। जब तक डॉलर-रुपया स्थिर नहीं होगा, तब तक रैली नहीं टिकेगी। करेंसी मार्केट हमेशा आपको पहले अलर्ट कर देगी। इंडिया VIX एक और बड़ी सिरदर्द रहने वाला है। जब तक VIX 15 के नीचे ना आए, लॉन्ग नहीं करना है।
इंट्राडे में भले ही लॉन्ग ट्रेड चले, लेकिन पोजिशनली बिल्कुल नहीं चलेगा। किसी के कहने या चाहने से बॉटम नहीं बनता। कोविड में पैसा लगाया होता तो वाली आपको बहुत Reels मिलेंगी। मैं उनसे ही पूछता हूं– आप अपना घर बेचकर लेंगे क्या? ये गिरावट भी खरीदारी के मौके होंगे मगर किस लेवल पर? कौन कह सकता है अगर न्यूक्लियर अटैक हुआ तो बाजार कहां जाएगा?क्या के 22,000 पर रुकेगा, 20,000 पर या 18,000 पर? क्योंकि कोविड में भी बड़ा पैसा उसने बनाया जिसने जल्दबाजी नहीं की। हर बार पहली गिरावट में खरीदारी नहीं करनी होती है।
बाजार: अब क्या करें ट्रेडर और इन्वेस्टर?
ट्रेडर को सिर्फ स्क्रीन और टिकर का सम्मान करना है। अगर बेचकर पैसा बन रहा है तो बेचकर बनाइए। जहां रैली या रिकवरी फेल हो, वहीं बिकवाली करें। अभी तो इस बाजार में आखिरी वाली बड़ी गिरावट बाकी है। फालतू के लेवल्स के चक्कर में मत फंसिए। जब बाजार तेजी का था, हमने सिर्फ तेजी का नजरिया रखा। अब मंदी का बाजार है तो सिर्फ निगेटिव नजरिया है
ये देखिए कि बड़ा पैसा कैसे बन रहा है। Overbought या oversold सिर्फ हमारे मन की सोच है। बाजार ट्रेंड पर चलता है, हमारे सोचने से नहीं। अगर इन्वेस्टर हैं तो हर गिरावट पर अच्छे शेयरों को जोड़ें। शॉर्ट साइड वाले ट्रेडिंग मुनाफे को भी अच्छे शेयरों को खरीदने में इस्तेमाल करें। अभी सेंटिमेंट खराब है, इसी लिए ये भाव मिल रहे हैं। जब सेंटिमेंट सुधरेगा, आपको ये भाव नहीं मिलेंगे
इंडेक्स पर रणनीति
अगर गिफ्ट निफ्टी सही हुआ तो हम 22,800-22,850 की रेंज में खुलेंगे। ये बाजार लेवल का नहीं सेंटिमेंट का है। पहले 30-45 मिनट का ट्रेड देखें और फैसला लें। इंट्राडे अप्रोच और पोजिशनल अप्रोच अलग होंगी। पोजिशनली हमारी अप्रोच रही है कि पुट लेकर बैठ जाएं और पुट महंगी लगे तो पुट स्प्रेड बना के बैठ जाएं , लेकिन इंट्राडे में आपको दोनों तरफ के ट्रेड के लिए तैयार रहना है। पहले गैपडाउन पर ना बेचें और इंतजार करें। अगर रिकवरी फेल होती दिखे तो दिन के हाई के SL से शॉर्ट करें । लॉन्ग तभी करें, अगर ग्लोबल बाजारों में सुधार हो या रुपया स्थिर हो और किसी भी लॉन्ग में दिन के लो का सख्त SL रखें। इस बाजार में लॉन्ग करना है तो सिर्फ इंट्राडे।
बैंक निफ्टी अब सबसे मजबूत सेक्टर से सबसे कमजोर बन चुका है। इस गिरावट में 50,000 भी टूटने का रिस्क है। बस दिक्कत ये है कि बैंक निफ्टी में फ्रेश ट्रेड लेना मुश्किल है। अगर मौजूदा शॉर्ट पोजीशन हैं तो आप कैरी कर सकते हैं, लेकिन नए शॉर्ट में 800-1000 अंकों का लॉजिकल SL होगा
इतना बड़ा SL लगाना बहुत मुश्किल है या फिर रैली/रिकवरी फेल होने का इंतजार करें और दिन के हाई के SL से शॉर्ट करें। लॉन्ग सिर्फ इंट्राडे करें और वो भी टाइट SL के साथ और लॉन्ग के लिए मार्केट के सिग्नल का इंतजार करें।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।