Vodafone idea के लिए ये हफ्ता अहम, 5G स्पेक्ट्रम की किश्त नहीं देने पर रद्द हो सकता है आवंटन

Vodafone-Idea (Vi) इस समय वित्तीय परेशानियों से जूझ रही है। मौजूदा नया हफ्ता वोडाफोन आइडिया के लिए काफी अहम है। इस हफ्ते में कंपनी में निवेश आना है। इस हफ्ते अगर कंपनी में निवेश नहीं आया तो कंपनी मुश्किल में आ जायेगी। दरअसल इसी हफ्ते कंपनी को 5G स्पेक्ट्रम की किश्त भी चुकानी है

अपडेटेड Sep 11, 2023 पर 5:27 PM
सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि कंपनी को इसी हफ्ते सरकार को 1700 करोड़ रुपये की रकम चुकानी है। जबकि कंपनी में 2000 करोड़ रुपये का निवेश आ सकता है
     
     
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    Vodafone Idea Share Price :  टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कंपनियों में शुमार होने वाली वोडाफोन आइडिया (Vodafone-Idea (Vi) इस समय वित्तीय परेशानियों से जूझ रही है। आज से शुरू हुआ मौजूदा नया हफ्ता वोडाफोन आइडिया के लिए काफी अहम है। इस हफ्ते कंपनी में नया निवेश आना है। इस हफ्ते अगर कंपनी में निवेश नहीं आया तो कंपनी मुश्किल में आ जायेगी। दरअसल इसी हफ्ते कंपनी को 5G स्पेक्ट्रम की किश्त भी चुकानी है। ऐसा नहीं होने पर कंपनी के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। इस खबर पर ज्यादा डिटेल बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि कंपनी को इसी हफ्ते सरकार को 1700 करोड़ रुपये की रकम चुकानी है।

    वोडा-आइडिया के लिए अहम हफ्ता

    असीम ने कहा कि निवेश के लिहाज से Vi के लिए मौजूदा हफ्ता काफी अहम है। इसकी वजह ये है कि कंपनी को इस हफ्ते सरकार को 1700 करोड़ रुपये देने हैं। इतना ही नहीं कंपनी को 17 सितंबर तक ब्याज के साथ रकम चुकानी है। इसके साथ ही कंपनी को 5G स्पेक्ट्रम की किश्त भी चुकानी है। किश्त नहीं देने पर कंपनी का आवंटन रद्द हो सकता है।

    प्रोमोटर्स ने दिया था 2000 करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश का भरोसा


    टेलीकॉम कंपनी को वित्तीय संकट से बचाने के लिए प्रोमोटर्स ने 2000 करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश का भरोसा दिया था। लेकिन सिटी के कहने मुताबिक प्रोमोटर्स द्वारा निवेश की जाने वाली 2000 करोड़ रुपये की रकम पर्याप्त नहीं है। लिहाजा कंपनी को दूसरे जगह से भी पूंजी जुटानी होगी।

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    कंपनी को 40,000 करोड़ रुपये की सालाना जरूरत

    असीम मनचंदा ने आगे कहा कि कंपनी को मोरेटोरियम पीरियड के बाद 40,000 करोड़ रुपये की सालाना जरूरत पड़ेगी। पूंजी के लिए कंपनी की कई बैंकर्स से बातचीत जारी है। लेकिन किसी बैंकर्स की तरफ से डील फाइनल नहीं हुई है। कुल मिलाकर अभी तक डील पर अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

    बता दें कि न्यूज एजेंसी पीटीआई ने पिछले 22 अगस्त को एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी थी कि कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) ने सितंबर तक सरकार को करीब 2,400 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने की योजना बनाई है। उस समय कंपनी ने हाल ही में 2022-23 की मार्च तिमाही के लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूजेज चार्ज का करीब 450 करोड़ रुपये का बकाया चुकाया था।

    डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)

     

     

     

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