भारतीय फिनटेक कंपनियां आक्रामक रूप से पूर्व टॉप बैंकर्स और सेंट्रल बैंकर्स को अपने यहां काम पर रख रही हैं। पिछले 24 महीनों में कम से कम 10 पूर्व बैंकर फिनटेक कंपनियों के बोर्ड में शामिल हुए हैं। एक्सपर्ट्स इसे अनुपालन मुद्दों (compliance issues) पर नियामकों के साथ सहज संबंध बनाने के अलावा निवेशकों और ग्राहकों का विश्वास हासिल करने के लिए एक बड़ी कॉर्पोरेट रणनीति का हिस्सा मानते हैं। इस तरह के कदम इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि फिनटेक कंपनियां कॉरपोरेट गवर्नेंस, लोन देने के मानदंडों और अन्य गतिविधियों से संबंधित कई मुद्दों पर सख्त विनियामक जांच का सामना कर रही हैं।
उदाहरण के लिए, हाल ही में बेंगलुरु स्थित Razorpay ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन को बोर्ड के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया। इसके साथ ही फिनटेक कंपनी ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व प्रबंध निदेशक (MD) और HDB Financial Services के पूर्व अध्यक्ष अरिजीत बसु को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया। Razorpay देश की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनियों में से एक है। कंपनी की वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22 (FY22) में इसका ऑपरेटिंग रेवन्यू 76.1 प्रतिशत बढ़कर 1,481 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 21 में 841 करोड़ रुपये था।
फिनटेक कंपनियों में पूर्व बैंकर्स की नियुक्ति
इसी तरह बेंगलुरु स्थित slice ने आरबीआई के पूर्व कार्यकारी निदेशक (ईडी), Eugene Emmanuel Karthak को एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया। कंपनी ने मार्च 2023 में एसबीआई के पूर्व प्रबंध निदेशक एस विश्वनाथन को सलाहकार की भूमिका के लिए नियुक्त किया।
फिनटेक स्पेस में इस तरह के सबसे बड़े निर्णय के तहत BharatPe ने सितंबर 2022 में एसबीआई के पूर्व अध्यक्ष रजनीश कुमार और आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर बी पी कानूनगो को क्रमशः गैर-कार्यकारी अध्यक्ष और स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया। कुमार गुरुग्राम स्थित डिजिटल लेंडर Indifi Technologies के एक सलाहकार भी हैं।
अन्य उदाहरण भी हैं। दिल्ली स्थित फिनटेक कंपनी Stashfin ने एसबीआई कार्ड के पूर्व एमडी और सीईओ, विजय जसूजा को सितंबर 2022 में एक गैर-स्वतंत्र ईडी के रूप में नियुक्त किया। जबकि EbixCash ने उमा शंकर, पूर्व ईडी, आरबीआई, को एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया।
इसके अलावा, बेंगलुरु स्थित एक डिजिटल गिफ्ट कार्ड फिनटेक कंपनी Qwikcilver ने अगस्त 2016 में आरबीआई के पूर्व ईडी जी पद्मनाभन को सलाहकार के रूप में नियुक्त किया।
मार्च 2020 में अमेरिका की क्लाउड-सेवा प्रदाता Salesforce ने SBI की पूर्व चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य को अपना भारत CEO नियुक्त किया।
सेवानिवृत्त बैंकरों की डिमांड क्यों है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार अनुपालन मुद्दों (compliance issues) पर नियामकों के साथ सहज संबंध बनाने के अलावा निवेशकों और ग्राहकों का विश्वास हासिल करने के लिए इस तरह की भर्ती एक बड़ी कॉर्पोरेट रणनीति का हिस्सा है।
फिनटेक कंपनियों में सलाहकार के रूप में पूर्व बैंकर
आरबीआई के पूर्व ईडी चंदन सिन्हा ने कहा "फिनटेक कंपनियों के पास विनियामक आवश्यकताओं और व्यवसाय संचालन अनुपालन की कुछ दिक्कतें होती हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इन दिक्कतों को कम करने में मदद कर सकते हैं।”
कुछ एक्सपर्ट्स ने यह भी सुझाव दिया कि जब फिनटेक कंपनियां किसी अनुभवी बैंकर को नियुक्त करती हैं, तो एक निश्चित साख (goodwill) भी साथ में मिलती है।
सिन्हा ने कहा। “एक अनुभवी बैंकर का इंडस्ट्री में नाम और प्रतिष्ठा होती है। इसलिए जब वे एक फिनटेक कंपनी में शामिल होते हैं, तो इस बात की संभावना होती है कि फिनटेक कंपनी एक निश्चित सद्भावना और साख विकसित करे।"