Top Picks: कम्पलीट सर्किल के गुरमीत चड्ढा के पसंदीदा इन स्टॉक्स से चमकेगा पोर्टफोलियो, न चूके नजर

एफआईआई की लगातार बिकवाली की वजह से बजट के बाद कंजम्प्शन की स्टोरी आगे बढ़ते नहीं दिखी। विदेशी निवेशकों को जब तक भारत में 12-13 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद नहीं दिखती तब तक वे बिकवाली करते रहेंगे। अगर एफआईआई की सेलिंग कम होती है और बॉन्ड यील्ड कुछ कम होती है तो कंजम्प्शन की स्टोरी आगे बढ़ती दिख सकती है

अपडेटेड Feb 21, 2025 पर 11:26 AM
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गुरमीत चड्ढा ने बताया कि उन्होंने बजट के बाद होटल शेयरों में अपना वेटेज बढ़ाया है। आईटीसी होटल्स में और खरीदारी की है। इंडीगो में भी और खरीदारी की है

Stock picks: पिछले तीन दिनों से मिडकैप और स्मॉलकैप में रिकवरी दिख रही है। ये रिकवरी कितनी टिकाऊ हो सकती है और बाजार की चाल कैसी रह सकती है इस पर बात करते हुए Complete Circle के मैनेजिंग पार्टनर & CIO गुरमीत चड्ढा ने कहा कि अगर सरकार सिगरेट पर जीएसटी बढ़ाने का फैसला लेती है तो इससे देश में सिगरेट की तस्करी बढ़ जाएगी। ये स्थिति सरकार को मिलने वाले राजस्व और कंपनियों की कमाई दोनों के लिए अच्छी नहीं होगी। अगर सरकरा सिगरेट पर न्यूट्रल रहे तभी अच्छा रहेगा।

खपत से जुड़े शेयरों पर बात करते हुए गुरमीत ने बताया कि वे कंज्यूमर स्टेपल्स पर बुलिश नहीं है। बल्कि वे ट्रैवल और कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी शेयरों पर बुलिश है। उनका मानना है कि बजट में इनकम टैक्स पर मिली राहत का सबसे ज्यादा असर ट्रैवल और कंज्यूमरडिस्क्रिशनरी शेयरों पर ही देखने को मिलेगा।

एफआईआई की लगातार बिकवाली की वजह से बजट के बाद कंजम्प्शन की स्टोरी आगे बढ़ते नहीं दिखी। विदेशी निवेशकों को जब तक भारत में 12-13 फीसदी से ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद नहीं दिखती तब तक वे बिकवाली करते रहेंगे। अगर एफआईआई की सेलिंग कम होती है और बॉन्ड यील्ड कुछ कम होती है तो कंजम्प्शन की स्टोरी आगे बढ़ती दिख सकती है।


गुरमीत चड्ढा ने बताया कि उन्होंने बजट के बाद होटल शेयरों में अपना वेटेज बढ़ाया है। आईटीसी होटल्स में और खरीदारी की है। इंडिगो में भी और खरीदारी की है। इसके अलावा सीडीएसएल और कैम्स जैसे कैपिटल मार्केट शेयरों में भी एक्सपोजर बढ़ाया है। गुरमीत चड्ढा का मानना है कि बजट में इनकम टैक्स कटौती से मिले पैसे का कुछ हिस्सा फाइनेंशियल शेयरों में भी जाएगा। ऐसे में पीबी फिनटेक में भी उन्होंने अपना निवेश बढ़ाया है।

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गुरमीत चड्ढा ने आगे कहा कि ऑटो सेक्टर में हाल के दिनों में उन्होंने एम&एम में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। कंपनी की बिक्री में एक्सपोर्ट की हिस्सेदारी सिर्फ 5 फीसदी है। ऐसे में अमेरिका में ऑटो पर टैरिफ बढ़ने से कंपनी पर कोई बड़ा असर नहीं होगा। इसके अलावा टेस्ला के आने से भी हमारी कंपनियों पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है। टाटा मोटर्स और एम&एम दोनों के वैल्यूएशन अच्छे हैं। आगे इन दोनों में रिस्ट्रक्चरिंग के चांस हैं। टाटा मोटर्स आगे जाकर सीवी, ईवी और डमोस्टिक कारोबार को रिस्ट्र्चर कर सकता है। इसके अलावा ऑटो एंसिलरी में गुरमीत चड्ढा को उनो मिंडा पसंद है।

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