नए हफ्ते के लिए ये शेयर एक्सपर्ट आशीष क्याल की टॉप चॉइस, 23450 की ओर लौटने के लिए Nifty को तोड़नी होगी 22942 की दीवार

आशीष क्याल का कहना है कि Bank Nifty फिलहाल अपने अहम 200-वीक के EMA को बचाए हुए है, जबकि बैंकिंग स्टॉक्स दबाव में बने हुए हैं। पिछले 8 हफ्तों से Nifty ने पिछले वीकली हाई से ऊपर क्लोजिंग नहीं की है। 22,180 से नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है

अपडेटेड Apr 05, 2026 पर 11:26 AM
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निफ्टी गैप्स के रूप में आगे बढ़ रहा है। औसतन लगभग 500 अंकों की बढ़त या गिरावट देखी जा रही है।

"शेयर बाजार आने वाले हफ्ते में एक अहम दौर में प्रवेश कर रहा है। निफ्टी 50 में 22,180 के नीचे ब्रेक से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। लेकिन अगर इसने 22,942 के स्तर को पार किया तो यह संकेत मिलेगा कि ऊपर की ओर पुलबैक के लिए शॉर्ट-टर्म लो बन चुका है।" यह बात वेव्स स्ट्रैटेजी एडवाइजर्स के फाउंडर और CEO आशीष क्याल ने मनीकंट्रोल को एक इंटरव्यू में कही। उनके अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का अगला दौर शुरू होने के लिए कीमतों को 120-123 डॉलर प्रति बैरल की बाधा को पार करना होगा।

क्या चार्ट यह संकेत दे रहे हैं कि निफ्टी 50 अगले हफ्ते 22,000 और यहां तक कि अप्रैल के निचले स्तर 21,700 को भी तोड़ सकता है?

निफ्टी गैप्स के रूप में आगे बढ़ रहा है। औसतन लगभग 500 अंकों की बढ़त या गिरावट देखी जा रही है। हालांकि, पिछले ट्रेडिंग सत्र में एक बड़ी गिरावट के साथ ओप​निंग के बाद निफ्टी ने 22,180 के आसपास निचला स्तर बनाया ​और तेजी की ओर लौटने में कामयाब रहा। इससे गैप भर गया।हमारा मानना ​​है कि 22,180 का निचला स्तर अहम होने वाला है क्योंकि, अगर हम वीकली टाइमफ्रेम चार्ट को देखें, तो यह वही स्तर है जो मई 2024 के दौरान देखा गया था। मार्च 2025 में भी इस जोन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बेस बना था। हम वर्तमान में इस स्तर के आसपास कुछ सहायक गतिविधि देख रहे हैं।


हालांकि, हमें अभी तक मजबूत सकारात्मक साप्ताहिक गति देखने को नहीं मिली है। यह केवल 22,942 के स्तर से ऊपर के ब्रेक पर ही आएगी, जो पिछले हफ्ते का वीकली हाई है। इसलिए शॉर्ट-टर्म में अस्थिरता ज्यादा रह सकती है, लेकिन इस बात की संभावना है कि 22,180 से लेकर 22,000 का जोन सुरक्षित बना रह सकता है। 22,940 से ऊपर का ब्रेक 23,450 के स्तर की ओर पलटने का पहला संकेत होगा।

क्या FII की स्थितियां आपके मंदी के दृष्टिकोण को मजबूत कर रही हैं?

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानि कि FII की ओर से बिकवाली तेज हो गई है, खासकर फरवरी 2026 के आखिर से। इसके अलावा शुल्कों में बढ़ोतरी, खासकर बजट के दिन वित्त मंत्री द्वारा घोषित संशोधित STT (सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स) 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गई है। इससे बाजार की भागीदारी और कुल लिक्विडिटी पर असर पड़ा है। इस बिकवाली के बावजूद, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानि कि DII ने एक सहायक भूमिका निभाई है। उनकी खरीदारी की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं, खासकर मार्च 2026 में। बाजार एक अहम हफ्ते में प्रवेश कर रहे हैं। 22,180 से नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है, लेकिन 22,942 के स्तर को पार करने पर यह संकेत मिलेगा कि ऊपर की ओर वापसी के लिए शॉर्ट टर्म लो बन चुका है।

क्या आपको लगता है कि अगले हफ्ते Bank Nifty 200-वीक के EMA (48,850) और मार्च 2025 के निचले स्तरों को तोड़ सकता है?

Bank Nifty फिलहाल अपने अहम 200-वीक के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) को बचाए हुए है, जबकि बैंकिंग स्टॉक्स दबाव में बने हुए हैं। इंडेक्स में पहले ही 18 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है और अब यह 'ओवरसोल्ड जोन' (अत्यधिक बिकवाली वाले क्षेत्र) में प्रवेश कर रहा है। इसका वीकली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) गिरकर 29 के स्तर पर आ गया है, जो हमने अप्रैल 2020 के बाद से नहीं देखा था।

कमजोरी के बावजूद, 200-वीक का EMA एक मजबूत लॉन्ग टर्म सपोर्ट बना हुआ है, जो 48,850 के करीब है। मौजूदा गिरावट को देखते हुए जब तक 49,950 का स्तर बना रहता है, तब तक शॉर्ट टर्म वापसी (पुलबैक) की संभावना है। इंडेक्स का 52,000 से ऊपर जाना एक सकारात्मक बदलाव का संकेत होगा, जिससे यह वापस 53,600 के स्तर तक पहुंच सकता है।

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ऐसे कौन से संभावित सिनेरियो हैं, जो आपके आउटलुक को 'बेयरिश' से 'बुलिश' में बदल सकते हैं?

Nifty और Bank Nifty दोनों में संभावित बदलाव की पहचान वीकली टाइमफ्रेम पर एक साधारण 'प्राइस एक्शन' नियम का इस्तेमाल करके की जा सकती है। हमें यह देखना होगा कि वीकली क्लोजिंग पिछले वीकली हाई से ऊपर हो, और वीकली लो पिछले लो से ऊपर हो। पिछले 8 हफ्तों से Nifty ने पिछले वीकली हाई से ऊपर क्लोजिंग नहीं की है। इसलिए, यदि हफ्ते के अंत तक 22,942 से ऊपर क्लोजिंग होती है, तो हमें पहला सकारात्मक संकेत मिलेगा।

क्या चार्ट यह संकेत दे रहे हैं कि कच्चे तेल की कीमतों में जल्द ही तेजी का एक नया दौर शुरू हो सकता है?

9 मार्च को ब्रेंट क्रूड 119.50 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। यह 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान देखे गए ऊंचे स्तरों के करीब है। तब से, युद्ध के कारण आईं तमाम रुकावटों के बावजूद क्रूड ने अभी तक इस ऊंचे स्तर को पार नहीं किया है। इसलिए, क्रूड में अगली तेजी की शुरुआत के लिए इसे 120–123 डॉलर के रुकावट वाले जोन को पार करना होगा।

अगले हफ्ते के लिए आपकी नजर किन दो शेयरों पर है?

Adani Power: अदाणी पावर ने 'राउंडिंग बॉटम पैटर्न' से ब्रेकआउट की पुष्टि की है, जिसे वॉल्यूम में जबरदस्त उछाल का सपोर्ट मिला है। यह अच्छी खरीदारी की दिलचस्पी को दर्शाता है। शेयर हाल ही में अपनी अपवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन से भी उछला है, जिससे तेजी का माहौल और मजबूत हुआ है। 158 रुपये के स्तर के आसपास नेकलाइन की ओर कोई भी गिरावट खरीदारी के मौके के तौर पर देखी जा सकती है। इसके संभावित ऊपरी लक्ष्य 168–174 रुपये की सीमा में रखे गए हैं, जबकि 150 रुपये के स्तर पर एक अहम सपोर्ट मौजूद है।

Anand Rathi Wealth: यह शेयर हर गुजरते सत्र के साथ ऊपर की ओर बढ़ता रहा है। पिछले 6 कारोबारी सत्रों में यह क्लोजिंग बेस पर लगातार पिछले दिन के निचले स्तर से ऊपर बना रहा है, जो खरीदारी की लगातार दिलचस्पी का संकेत है। फिलहाल, शेयर अपने पिछले 'स्विंग हाई' यानि 3,241 रुपये के स्तर के करीब पहुंच रहा है। तेजी की इस गति को बनाए रखने के लिए, इस स्तर से ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही जब तक नीचे की ओर 3,070 रुपये का स्तर सुरक्षित रहता है, तब तक ऊपर की ओर 3,450-3,500 रुपये के संभावित लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

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