Market cues : 23000–23200 की ओर बढ़ने के लिए निफ्टी का 22800 के ऊपर टिकना जरूरी

Nifty Trade setup : निफ्टी के 23,000–23,200 के रेजिस्टेंस की ओर बढ़ने के लिए 22,800 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा। यह एक अहम रेजिस्टेंस जोन है,जो 23,164 पर मौजूद 50-डे EMA के करीब है। वहीं,अगर निफ्टी 22,800 के नीचे जाता है तो यह 22,700 के सपोर्ट स्तर तक गिर सकता है

अपडेटेड Oct 30, 2026 पर 8:33 AM
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Trade Setup : बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव के मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स,इंडिया VIX 6.94 प्रतिशत गिरकर 15.11 पर आ गया। इसमें लगातार तीसरे सत्र में गिरावट आई

Trade setup for today : 29 अक्टूबर को निफ्टी में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी न करने और तेल की कीमतों में कुछ नरमी आने के बाद, निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 22,824 के स्तर पर स्थित अपने 20 डे EMA के पार पहुंच गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी सुधार के संकेत दिखे। हालांकि, बड़ा तकनीकी ढांचा अभी भी मंदी (बेयरिश) की ओर झुका हुआ है, क्योंकि इंडेक्स अपने 50-डे और 200-डे EMA के नीचे कारोबार कर रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के 23,000–23,200 के रेजिस्टेंस की ओर बढ़ने के लिए 22,800 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा। यह एक अहम रेजिस्टेंस जोन है,जो 23,164 पर मौजूद 50-डे EMA के करीब है। वहीं,अगर निफ्टी 22,800 के नीचे जाता है तो यह 22,700 के सपोर्ट स्तर तक गिर सकता है। इसके बाद 22,500 पर बड़ा सपोर्ट होगा।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।


निफ्टी 50 (22,937) के लिए महत्वपूर्ण स्तर

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 22,968, 23,040 और 23,157

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,735, 22,663 और 22,547

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक अनिश्चित पैटर्न के बाद एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जो मजबूत खरीदारी के रुझान को दिखाती है। इंडेक्स अपने 20 डे EMA और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन के ऊपर आ गया, लेकिन यह अभी भी अपने 50-डे और 200-डे के EMA के नीचे ट्रेड कर रहा था, जो दोनों ही नीचे की ओर झुके हुए थे। RSI बढ़कर 50.85 पर पहुंच गया और इसने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा,जबकि MACD सिग्नल लाइन के ऊपर अपने अपट्रेंड में बना रहा। पिछले छह सत्रों में गिरावट के बाद,हिस्टोग्राम पर भी एक गहरा हरा बार बना। ये इंडिकेटर बुलिश मोमेंटम में सुधार का संकेत देते हैं, हालांकि बड़ा रुझान अभी भी सतर्कता वाला बना हुआ है।

बैंक निफ्टी (54,267) के लिए महत्वपूर्ण स्तर

बैंक निफ्टी (54,910) के लिए मुख्य स्तर

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,002, 55,222 और 55,578

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,290, 54,070 और 53,714

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,128, 55,538

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 54,035, 52,784

बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन

बैंक निफ्टी में 1.18 प्रतिशत की तेजी आई और इसने लगातार दूसरे सत्र में डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई, जो यह दिखाचा है कि तेजड़िए लगातार मजबूत हो रहे हैं। इंडेक्स ने 56,065 से 53,626 तक की अपनी हालिया गिरावट के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर को तो वापस हासिल कर लिया है। लेकिन यह अपने 20-डे EMA और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन के ऊपर जाने में नाकाम रहा। साथ ही, यह अपने 50-डे और 200-डे EMA से काफी नीचे ट्रेड करता रहा। RSI बढ़कर 47.06 पर पहुंच गया और इसने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा। जबकि MACD भी एक पॉजिटिव क्रॉसओवर के लिए तैयार दिख रहा था। पिछले तीन सत्रों में बढ़ने के बाद, MACD हिस्टोग्राम की लाल पट्टी (red bar) भी काफी छोटी हो गई है। ये संकेत बुलिश मोमेंटम में सुधार और आगे और रिकवरी की संभावना की ओर इशारा करते हैं। हालांकि निकट अवधि के आउटलुक को मजबूत करने के लिए इंडेक्स को अपने अहम मूविंग एवरेज को फिर से हासिल करने की जरूरत है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

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इंडिया VIX

बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव के मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स,इंडिया VIX 6.94 प्रतिशत गिरकर 15.11 पर आ गया। इसमें लगातार तीसरे सत्र में गिरावट आई। जिससे तेजड़ियों को कुछ राहत मिली है। हालांकि,बुल्स के लिए 'कंफर्ट ज़ोन' में आने और बाजार में अधिक स्थिरता आने के लिए,इस इंडेक्स का 13 के स्तर से नीचे आना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 अक्टूबर को बढ़कर 1.31 हो गया, जबकि पिछले सत्र में यह 1.07 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

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